देहरादून (उत्तराखंड): उत्तराखंड में मॉनसूनी बारिश का विकराल और भयानक रूप देखने को मिल रहा है। राज्य के विभिन्न जनपदों में मूसलाधार बारिश का दौर निरंतर जारी है।
इसी बीच, देहरादून से मसूरी को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर पहाड़ी की कटाई के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ मार्ग के चौड़ीकरण और सुंदरीकरण का कार्य चल रहा था, तभी अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरककर (लैंडस्लाइड) मुख्य मार्ग पर आ गिरा। भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा सड़क पर आने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप्प हो गई।
🚗 दोनों छोर पर लगा 10 किलोमीटर लंबा भीषण जाम, ‘पानी वाले बैंड’ से ‘कोठालगेट’ तक थमे वाहनों के पहिए
पहाड़ी से गिरते मलबे के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गई।
देखते ही देखते सड़क के दोनों छोर पर लगभग 10 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं। ‘पानी वाले बैंड’ से लेकर ‘कोठालगेट’ तक केवल वाहन ही वाहन नज़र आ रहे थे। सप्ताहांत में मसूरी आ रहे पर्यटक घंटों इस भीषण जाम में फंसे रहे, वहीं सुरक्षा कारणों से पुलिस-प्रशासन ने कई संवेदनशील स्थानों पर एहतियातन यातायात को पूरी तरह से रोक दिया।
😰 मलबे से बढ़ीं पर्यटकों की मुश्किलें, यूपी के इटावा से आए पर्यटकों ने बयां किया दर्द
सड़क पर आए विशालकाय मलबे के चलते स्थानीय निवासियों के साथ-साथ अन्य राज्यों से पहुँचे पर्यटकों को भीषण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
प्रशासनिक और लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें जेसीबी (JCB) मशीनों की सहायता से सड़क से मलबा हटाकर मार्ग सुचारु करने के प्रयास में जुटी रहीं। जाम में फंसे उत्तर प्रदेश के इटावा से आए पर्यटक संदीप ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि, “व्यवस्था बेहद खराब है। हम इटावा से आए हैं और एक घंटे से अधिक समय से इस भीषण जाम में फंसे हुए हैं, जिससे भारी परेशानी हो रही है।”
⚠️ ‘अभी मसूरी न आएं, सुरक्षा को दें प्राथमिकता’: पर्यटकों ने सरकार से इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने की मांग की
इटावा से ही आए एक अन्य पर्यटक आयुष छाबड़ा ने कहा कि, “पहाड़ की कटाई से अचानक हुए लैंडस्लाइड के कारण भारी ट्रैफिक जाम हो गया है। मैं अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों से अपील करना चाहता हूँ कि वे अभी उत्तराखंड आने से बचें, क्योंकि यहाँ यातायात की गंभीर समस्या है। अप्रत्याशित प्राकृतिक घटनाओं को देखते हुए पहले अपनी जीवन सुरक्षा सुनिश्चित करें।”
आयुष ने प्रदेश सरकार से सड़क बुनियादी ढाँचे (Infra) को अधिक सुरक्षित बनाने की मांग की। वहीं, देहरादून निवासी पर्यटक गुरमीत सिंह ने इसे प्राकृतिक आपदा बताते हुए सतर्कता बरतने की बात कही।