पोत के डूबने से पहले सभी चौदह नाविक बचाये गये
सानाः यमन के तट के पास एक अज्ञात मिसाइल की चपेट में आने से भारतीय ध्वज वाला एक जहाज पलट गया और समुद्र में डूब गया। अधिकारियों के अनुसार, इस हादसे का शिकार हुए जहाज एमजीवी फैजे नूरे औलिया पर कुल 14 लोग सवार थे, जिनमें से 13 भारतीय नागरिक शामिल थे। भारत के जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राहत की खबर देते हुए बताया कि सभी 14 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस अचानक हुए हमले की कड़ी निंदा की है और कहा है कि क्षेत्र में नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस जहाज को किसने निशाना बनाया है।
यह घटना लाल सागर में जहाजों पर हो रहे हमलों के सिलसिले की ताजा कड़ी है। ईरान द्वारा फरवरी में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने के बाद से कई टैंकरों ने वैकल्पिक जलमार्ग के रूप में लाल सागर का उपयोग करना शुरू कर दिया था। विश्लेषकों का मानना है कि मध्य पूर्व में तेल टैंकरों पर मंडरा रहा यह खतरा ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से सबसे भीषण स्थिति में पहुंच गया है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना के बाद एक बयान जारी कर क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों पर हो रहे हमलों को गहरे चिंता का विषय बताया है। मंत्रालय ने कहा, क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया जाना तुरंत बंद होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप इस क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में स्वतंत्र और निर्बाध नौवहन तथा वाणिज्य को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।
फरवरी के अंत में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से इस क्षेत्र के अधिकांश नौवहन मार्ग बाधित हो चुके हैं। इसके बाद से ईरान ने दुनिया के सबसे व्यस्त तेल नौवहन चैनलों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल की कीमतों पर भारी असर पड़ा है। सऊदी अरब से तेल ले जाने वाले कुछ जहाज इसके बजाय लाल सागर में एक वैकल्पिक नौवहन मार्ग से गुजर रहे थे, लेकिन यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी टैंकरों पर किए गए हालिया हमलों ने क्षेत्र के जोखिमों को और बढ़ा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी समर्थित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन की सरकार के परिवहन मंत्रालय ने ईरान समर्थित हूतियों पर विस्फोटकों से भरी नाव का उपयोग करके इस हमले को अंजाम देने का आरोप लगाया है। हालांकि, हूती समूह ने इस घटना पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।