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जांच में सीबीआई को सहयोग नहीं कर रहे हैं मुख्यमंत्री पेमा खांडू

सुप्रीम कोर्ट ने दो वरीय अफसरों को तलब किया

परिवार को ठेका दिये जाने का मामला

पांच सौ करोड़ से अधिक के ठेके मिले

मणिपुर में आईईडी निष्क्रिय, गिरफ्तारी

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी :  सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश सरकार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए राज्य के मुख्य सचिव और प्रधान सचिव (गृह) को 24 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। यह मामला मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार से जुड़ी फर्मों को कथित रूप से अनुचित तरीके से दिए गए ‘पब्लिक वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट्स’ की सीबीआई जांच से जुड़ा है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार सीबीआई द्वारा मांगी जा रही जरूरी फाइलों और रिकॉर्ड को उपलब्ध कराने में सहयोग नहीं कर रही है, जो अदालत की निगरानी में चल रही जांच में बड़ी बाधा है। यह जांच 2015 से 2025 के बीच मुख्यमंत्री के परिजनों के लाभ के लिए किए गए ठेकों की अनियमितताओं की सच्चाई सामने लाने के लिए शुरू की गई थी।

वहीं, दूसरी ओर मणिपुर में सुरक्षा बलों ने आतंकवाद विरोधी अभियानों में बड़ी सफलता हासिल की है। तेंगनौपाल जिले में भारतीय सेना, असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने भारत-म्यांमार सीमा के पास से छह आईईडी (IED) बरामद कर उन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया। इसके अलावा, चंदेल जिले में प्रतिबंधित संगठन ‘केसीपी-एमएफएल’ के तीन सक्रिय सदस्यों को हथियारों और रेडियो सेट के साथ गिरफ्तार किया गया है।

इन अभियानों के बीच, मणिपुर के खौपम इलाके में एनएससीएन-आईएम और जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट (जेडयूएफ) के संदिग्ध सदस्यों के बीच हुई गोलीबारी ने स्थानीय निवासियों में दहशत पैदा कर दी है। हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इसने पहाड़ी इलाकों की सुरक्षा चुनौतियों को उजागर कर दिया है। मुख्यमंत्री ने राज्य में शांति बहाली को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए भरोसा दिलाया है कि उपद्रवी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही हालात सामान्य कर दिए जाएंगे। वर्तमान में राज्य के विभिन्न संवेदनशील जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए 113 चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। सरकार लगातार सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रही है।