भाजपा छोड़ने के बाद पहली बार मुंह खोला पूर्व प्रवक्ता ने
वीडियो जारी कर अपनी बात रखी
व्यंग्य की शैली में संदेश दिया है
राहुल गांधी पर भी तंज कसा है
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर सबको चौंका दिया है। इस वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी गहरी नाराजगी और निराशा व्यक्त की है। हालाँकि, यह निराशा किसी नीतिगत विफलता को लेकर नहीं, बल्कि एक बेहद अनोखे और व्यंग्यात्मक तर्क पर आधारित है। पूनावाला ने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वे 12 वर्षों के लंबे कार्यकाल के बावजूद ठीक से तानाशाह नहीं बन पाए हैं, जिसे उन्होंने प्रधानमंत्री की विफलता बताया है।
पूनावाला का तर्क है कि एक तानाशाह को जिस कठोरता और निरंकुशता का प्रदर्शन करना चाहिए, मोदी उससे कोसों दूर हैं। उदाहरण के तौर पर उन्होंने हालिया घटनाओं का जिक्र किया, जहाँ प्रधानमंत्री को सार्वजनिक मंचों से और सोशल मीडिया पर अपशब्द कहे गए। पूनावाला के अनुसार, ऐसे मामलों में प्रधानमंत्री ने बदले की भावना दिखाने के बजाय उदारता अपनाई और उन शरारती बच्चों को माफ करने की बात कही, जिन्होंने संवैधानिक पदों और उनके परिवार पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पुलिस और समाज से भी उन्हें क्षमा कर देने का आग्रह किया, जो एक वास्तविक तानाशाह की शैली नहीं हो सकती।
अपने इस बयान के जरिए पूनावाला ने सीधे तौर पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को वास्तव में यह समझना है कि तानाशाही क्या होती है, तो उसे राहुल गांधी के परिवार के इतिहास से सीखना चाहिए। पूनावाला ने नेहरू-गांधी परिवार के अतीत को याद दिलाते हुए कहा कि असली तानाशाही और आपातकाल की परिभाषा वही लोग बेहतर समझते हैं। उन्होंने केरल का उदाहरण दिया, जहाँ राहुल गांधी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाले इंस्टाग्राम यूजर्स के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस शासित राज्यों में असहमति दिखाने वाले पोस्टर लगाने वालों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए हैं।
अंत में, पूनावाला ने आपातकाल के दौर का हवाला देते हुए इंदिरा गांधी के शासनकाल की याद दिलाई। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे उस दौरान विपक्षी सांसदों को जेल में डाल दिया गया था और साधु-संतों के आंदोलन पर गोलियां चलवाई गई थीं। अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय हजारों लोगों को जेल में ठूंस दिया गया था। पूनावाला का यह पूरा वक्तव्य राहुल गांधी और कांग्रेस की कार्यशैली पर एक तीखा प्रहार है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उदारवादी रुख की तुलना कांग्रेस के कथित सत्तावादी इतिहास से की है।