पेरू के विश्वप्रसिद्ध नाज्का लाइंस देखने के दौरान हुआ हादसा
लीमाः पेरू के विश्व प्रसिद्ध पुरातात्विक स्थल नाज़्का लाइन्स के ऊपर उड़ान भर रहे एक छोटे पर्यटक विमान के शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार सभी 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में 11 विदेशी पर्यटक और चालक दल के दो स्थानीय सदस्य शामिल हैं। परिवहन मंत्रालय के एक आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले पर्यटकों में सात इटली के, दो जर्मनी के और दो स्पेन के नागरिक थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना शनिवार दोपहर लगभग 1:00 बजे हुई।
दुर्घटनाग्रस्त विमान एक सेसना 208 कैरावेन था, जिसने राजधानी लीमा से लगभग 240 किलोमीटर (150 मील) दक्षिण में स्थित पिस्को हवाई अड्डे से अपनी उड़ान भरी थी। दुर्घटनास्थल पर मौजूद पुलिस मेजर जॉर्ज एंड्रेड ने पत्रकारों को जानकारी दी कि हादसे की गंभीरता और विमान की स्थिति को देखते हुए किसी के भी जीवित बचने की कोई संभावना नहीं थी। बचाव दल ने शुरुआत में ही चार शव बरामद कर लिए थे। हालांकि पुलिस ने तुरंत पीड़ितों की पहचान उजागर नहीं की, लेकिन नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और हवाई दुर्घटना जांच एजेंसी ने मलबे से साक्ष्य जुटाकर इस हादसे की गहन जांच शुरू कर दी है।
दुर्घटना के तुरंत बाद विस्टा एलेग्रे इलाके में विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर मलबे में तब्दील हो गया और उसमें आग लग गई। अग्निशमन कर्मी और पुलिस अधिकारी मास्क पहनकर सुलगते हुए मलबे के बीच बचाव कार्य करते देखे गए। विस्टा एलेग्रे के एक स्थानीय निवासी के अनुसार, जमीन से टकराते ही विमान में एक जोरदार विस्फोट हुआ था। नगरपालिका अधिकारियों ने प्रारंभिक जानकारी के आधार पर बताया कि उड़ान के दौरान किसी आपात स्थिति के कारण यह हादसा हुआ।
इस अत्यंत गंभीर घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पेरू की राष्ट्रपति कीको फुजिमोरी ने कहा कि उनकी सरकार सुरक्षा कारणों से पिस्को हवाई अड्डे को बंद करने के संभावित विकल्पों पर विचार कर रही है।
नाज़्का लाइन्स रेगिस्तानी रेत में उकेरी गई विशाल ज्यामितीय आकृतियों और जानवरों के रेखाचित्रों का एक रहस्यमयी समूह है, जिनका ऐतिहासिक निर्माण 500 ईसा पूर्व से 500 ईस्वी के बीच माना जाता है। यूनेस्को ने इसके खगोलीय और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए 1994 में इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया था। इन आकृतियों का पूर्ण दृश्य केवल हवा से ही स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। दुर्घटनाग्रस्त विमान का संचालन एयरोडायना नामक विमानन कंपनी द्वारा किया जा रहा था, जो पर्यटकों को इस क्षेत्र के ऊपर आधे से एक घंटे की हवाई यात्रा प्रदान करती है।