दिल्ली के संसद में प्रस्तुत नाटक का असर वाराणसी तक पहुंचा
संसद के बाहर हुआ था यह प्रदर्शन
साधुओं ने अलग से विरोध दर्ज कराया
भगवा वस्त्र पहनने पर भी आपत्ति है
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः वाराणसी के कोतवाली पुलिस स्टेशन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। यह मामला संसद परिसर के भीतर किए गए एक विवादास्पद विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है।
पुलिस के अनुसार, साधुओं के एक समूह द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि इन नेताओं ने भगवा वस्त्र पहनकर संसद में प्रदर्शन किया, जिससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायतकर्ताओं का तर्क है कि संतों और तपस्वियों से जुड़े पवित्र भगवा का प्रदर्शन के दौरान दुरुपयोग किया गया, जो धार्मिक प्रतीकों का अपमान है।
विवादित घटना संसद परिसर के मकर द्वार की है। प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर बैठे थे और उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का नाटक (स्किट) प्रस्तुत किया। इस दौरान राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद सहित अन्य विपक्षी सांसदों ने उस दान पेटी में पैसे डाले, जबकि पप्पू यादव ने उस पैसे को अपनी जेब में रखकर कथित चोरी को दर्शाया। विपक्षी सांसदों का यह प्रदर्शन सदन में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर था।
इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब दिल्ली में भी भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने सांसद बांसुरी स्वराज के नेतृत्व में नई दिल्ली के डीसीपी से मुलाकात की। भाजपा ने इस प्रदर्शन को हिंदू आस्था और भगवान राम का अपमान बताते हुए भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब अयोध्या में राम मंदिर दान विवाद को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। फिलहाल आरोपी नेताओं या उनकी पार्टियों की ओर से इस एफआईआर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह घटना संसद की मर्यादा और राजनीतिक विरोध के तरीकों पर एक नई बहस को जन्म दे रही है, जहाँ एक तरफ विपक्ष इसे अपनी आवाज़ उठाने का माध्यम मान रहा है, वहीं दूसरी तरफ सत्तापक्ष इसे धार्मिक प्रतीकों का मजाक उड़ाने के रूप में देख रहा है।