रांची में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती पर भव्य ‘कलश वंदन यात्रा’, पावन मिट्टी के दर्शन हेतु उमड़े श्रद्धालु
रांची (झारखंड): भारतीय जनता पार्टी (BJP) संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती को पूरे प्रदेश में ‘समरसता अभियान’ के रूप में मना रही है।
इसी कड़ी में शुक्रवार शाम उनकी पवित्र जन्मस्थली (काशी/वाराणसी) से लाई गई पावन मिट्टी के कलश का राजधानी रांची आगमन पर ऐतिहासिक और भावभिना स्वागत किया गया।
🪔 पिस्का मोड़ विश्वनाथ मंदिर से पहाड़ी मंदिर तक निकली यात्रा, ढोल-नगाड़ों और भगवा ध्वज के साथ गूंजे जयकारे
राजधानी के पिस्का मोड़ स्थित प्रसिद्ध विश्वनाथ मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूर्ण विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर पावन कलश का वंदन किया गया।
तत्पश्चात, हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं, रविदास समाज के प्रबुद्धजनों एवं आम श्रद्धालुओं की गरिमामयी सहभागिता में ढोल-नगाड़ों, भगवा ध्वज और भक्तिमय जयघोष के साथ विशाल “कलश वंदन यात्रा” निकाली गई। यह भव्य यात्रा पिस्का मोड़ से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर परिसर पहुंची। मार्ग में स्थान-स्थान पर आम नागरिकों और संत रविदास महासभा के पदाधिकारियों ने पुष्पवर्षा कर पावन कलश की अगवानी की। इस पवित्र कलश को पहाड़ी मंदिर परिसर में स्थापित किया गया है, जहां यह आगामी चार दिनों तक आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ उपलब्ध रहेगा।
👥 प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, केंद्रीय मंत्री संजय सेठ और पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत दिग्गज नेताओं ने की शिरकत
इस पावन कलश वंदन यात्रा में राज्य के वरिष्ठ राजनीतिक दिग्गजों ने सहभागिता की।
यात्रा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश महामंत्री अमर बाउरी, मनोज सिंह, रांची के लोकप्रिय विधायक सी.पी. सिंह, हटिया विधायक नवीन जायसवाल, रांची की महापौर रौशनी खलखो, उपमहापौर नीरज कुमार एवं भाजपा रांची महानगर के जिलाध्यक्ष वरुण साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
💬 प्रदेश अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री का संदेश: “सामाजिक समरसता और मानव सेवा के महान प्रतीक थे संत रविदास”
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि, “संत शिरोमणि गुरु रविदास केवल एक संत नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समता और आत्मसम्मान के महान प्रवर्तक थे। उनके विचार आज भी समाज को जातिगत संकीर्णता से ऊपर उठाकर राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।”
वहीं, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि, “संत रविदास का जीवन मानवता, निःस्वार्थ सेवा और सामाजिक न्याय का अद्वितीय उदाहरण है। उनकी जन्मभूमि से आई पावन मिट्टी का झारखंड आगमन हम सभी के लिए परम सौभाग्य का विषय है। यह अभियान समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।”
📜 पूर्व मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि: “ऊंच-नीच और भेदभाव के विरुद्ध संत रविदास ने जगाई थी चेतना”
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने कर्म और भक्ति से समाज को नई दिशा दी तथा समरसता का संदेश दिया। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रेखांकित किया कि व्यक्ति की श्रेष्ठता उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके विचार और कर्म से तय होती है। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि संत रविदास के विचार वंचित वर्गों में आत्मसम्मान और अधिकारों की चेतना जगाने वाले हैं।
उल्लेखनीय है कि 15वीं शताब्दी के महान संत एवं भक्तिकाल के प्रमुख स्तंभ संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की प्रसिद्ध उक्ति “मन चंगा तो कठौती में गंगा” तथा “बेगमपुरा” (दुख-रहित समाज) की परिकल्पना आज भी पूरे विश्व में सामाजिक समानता और न्याय की अमर प्रेरणास्रोत बनी हुई है।