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गढ़वा में कभी भी गिर सकता है बिरहा नदी का पुल, जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर हैं ग्रामीण

गढ़वा (झारखंड): गढ़वा जिले में झारखंड और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण पुल अब भारी खतरे की घंटी बजा रहा है।

बिरहा नदी पर स्थित यह पुल किसी भी क्षण धराशायी हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय नागरिक और राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर इसे पार करने को विवश हैं। यद्यपि स्थानीय प्रशासन और विभाग ने सुरक्षा की दृष्टि से चेतावनी बोर्ड लगा दिए हैं और लोहे की बैरिकेडिंग भी कर दी है, फिर भी लोगों की आवाजाही निरंतर जारी है। ऐसे में किसी भी समय भीषण हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।

🌊 कई जिलों और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाली जीवनरेखा है पुल, नदी में पाया धंसने से बीच का स्लैब बैठा नीचे

जिले के भंडरिया-बरगढ़ मुख्य मार्ग पर बिरहा नदी पर निर्मित यह पुल संपूर्ण इलाके की जीवनरेखा (Lifeline) माना जाता है।

यह पुल न केवल भंडरिया और बरगढ़ प्रखंड की बड़ी आबादी को गढ़वा जिला मुख्यालय से जोड़ता है, बल्कि झारखंड के लातेहार, गुमला और सिमडेगा जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ को भी जोड़ने वाला प्रमुख अंतर्राज्यीय मार्ग है। हाल ही में बिरहा नदी के तेज बहाव में पुल का मुख्य पाया (Pillar) नीचे धंस गया है, जिससे पुल का मध्य भाग (Slab) काफी नीचे बैठ चुका है। पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए यह कभी भी पूरी तरह ध्वस्त हो सकता है।

⛔ प्रतिबंध और बैरिकेडिंग के बावजूद जारी है वाहनों की आवाजाही, बढ़ा हादसों का खतरा

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पुल के क्षतिग्रस्त होने की शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की, लेकिन अब तक कोई ठोस व स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।

पथ निर्माण विभाग की ओर से दुर्घटना से बचाव हेतु केवल चेतावनी बोर्ड और लोहे के अवरोधक (बैरिकेड्स) लगाए गए हैं। भारी एवं चारपहिया वाहनों के आवागमन पर सख्त प्रतिबंध होने के बावजूद कई वाहन चालक नियमों की सरेआम अनदेखी कर इसी जर्जर पुल से गुजर रहे हैं, जिससे खतरे का दायरा और अधिक बढ़ गया है।

🏗️ विभाग का आधिकारिक बयान: पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त, टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर जल्द शुरू होगा नया निर्माण

मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि, “बिरहा नदी का यह पुल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है और अब मरम्मत योग्य नहीं है। इसके नए सिरे से पुनर्निर्माण की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा इसके निर्माण हेतु टेंडर भी जारी किया जा चुका है।”

उन्होंने आगे बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर विभाग ने चेतावनी बोर्ड, लोहे की बैरिकेडिंग और आवागमन हेतु वैकल्पिक बाईपास मार्ग की व्यवस्था की है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही नए पुल का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू करा दिया जाएगा।