देवघर (झारखंड): झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी शनिवार को देवघर प्रवास पर पहुंचे।
देवघर एयरपोर्ट पर मीडियाकर्मियों से औपचारिक बातचीत के दौरान बाबूलाल मरांडी ने राज्य में JPSC और JSSC प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार उठ रहे गड़बड़ी और धांधली के सवालों को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।
⚖️ “सरकार केवल लीपापोती में जुटी”, बाबूलाल मरांडी ने नीट परीक्षा का दिया उदाहरण
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में JPSC और JSSC जैसी राज्य की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में लगातार बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आ रही हैं, परंतु सरकार दोषियों को बचाने और पूरे मामले में केवल लीपापोती करने में व्यस्त है।
उन्होंने कहा कि जब भी किसी प्रतियोगी परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत आए, तो सरकार का पहला दायित्व निष्पक्ष व कठोर कार्रवाई करना होना चाहिए। उन्होंने NEET परीक्षा का उदाहरण देते हुए रेखांकित किया कि जब नीट में गड़बड़ी की शिकायतें आईं, तब केंद्र सरकार ने सख्त नियम लागू किए और पेपर लीक रोधी कड़ा कानून बनाया। साथ ही संलिप्त आरोपियों पर निरंतर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।
📋 समय पर रिजल्ट नहीं, ओएमआर शीट गायब; अधिकारियों पर कार्रवाई से कतरा रही सरकार
बाबूलाल मरांडी ने विस्तृत आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं का न तो समय पर परिणाम घोषित किया जाता है और न ही अभ्यर्थियों की OMR शीट सार्वजनिक की जाती है।
पेपर लीक जैसी अत्यंत गंभीर शिकायतें उजागर होने के उपरांत भी राज्य सरकार जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों और परीक्षा एजेंसियों पर कार्रवाई करने से बच रही है।
🗺️ बिहार, नेपाल और बंगाल ले जाकर उत्तर रटवाने का आरोप, सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल
बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि अभ्यर्थियों को बिहार, नेपाल और पश्चिम बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों एवं देशों में ले जाकर परीक्षा से ठीक पहले उत्तर रटवाए जाने और उत्तर पुस्तिकाएं तैयार कराए जाने जैसी गंभीर बातें सामने आई हैं।
इन सब प्रमाणों के बावजूद राज्य सरकार मूकदर्शक बनी हुई है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
🔍 JPSC के हर जिम्मेदार अधिकारी पर दर्ज हो FIR, पूरे मामले की हो सीबीआई जांच
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) शुरुआत से ही इस पूरे परीक्षा घोटाले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग पर कायम है।
उन्होंने मांग की कि आयोग (JPSC) के प्रत्येक जिम्मेदार कर्मचारी और वरिष्ठ पदाधिकारी के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए और निष्पक्ष व पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि राज्य के लाखों अभ्यर्थियों का परीक्षा प्रणाली में खोया हुआ विश्वास पुनः बहाल हो सके।