वर्ष 2029 के चुनाव की तैयारी प्रारंभ कर दी गयी
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जनता के बीच नजर आने की रणनीति
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संगठन के स्तर पर भी कुछ बदलाव होगा
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बूथ स्तर पर काम तेज करने का निर्देश
राष्ट्रीय खबर
तिरुअनंतपुरमः भारतीय जनता पार्टी ने केरल में अपनी दीर्घकालिक चुनावी रणनीति के तहत मिशन 2029 का शंखनाद कर दिया है। अगले लोकसभा चुनावों में अभी काफी समय शेष है, लेकिन भाजपा ने तीन साल पहले ही अपनी तैयारियों को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। यह कदम राज्य में पार्टी के संगठनात्मक सक्रियता के इतिहास में सबसे प्रारंभिक लामबंदियों में से एक माना जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि भाजपा अब अल्पकालिक चुनावी कोशिशों के बजाय एक निरंतर और मजबूत अभियान पर जोर दे रही है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा के राज्य नेतृत्व ने वरिष्ठ नेताओं को प्रमुख संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों का प्रभारी नियुक्त करने पर अनौपचारिक सहमति बना ली है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य इन नेताओं को भावी उम्मीदवारों के रूप में जनता के बीच स्थापित करना है। इससे उन नेताओं को जमीन पर अपनी पकड़ बनाने, बूथ-स्तर के संगठन को मजबूती देने और मतदाताओं के बीच अपनी दृश्यता बढ़ाने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि पार्टी का लक्ष्य सभी 120 विधानसभा क्षेत्रों के लिए भी प्रभारियों की नियुक्ति करना है ताकि चुनावी आधार को पूरी तरह से सुदृढ़ किया जा सके।
इसके अतिरिक्त, पार्टी अपनी संगठनात्मक दक्षता और क्षेत्रीय पहुंच को बेहतर बनाने के लिए केरल में संगठनात्मक क्षेत्रों की संख्या को पांच से बढ़ाकर छह करने की योजना बना रही है। इन फैसलों पर अगले महीने होने वाली राज्य कोर कमेटी की बैठक में औपचारिक मुहर लगने की उम्मीद है।
मिशन 2029 से संबंधित पहली बैठक राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के राज्य महासचिव और उपाध्यक्ष शामिल हुए। इस बैठक में बनी शुरुआती सहमति के अनुसार, राजीव चंद्रशेखर तिरुवनंतपुरम, के सुरेंद्रन अट्टिंगल और सुरेश गोपी त्रिशूर लोकसभा क्षेत्रों में चुनाव अभियान की कमान संभालेंगे। केरल के राजनीतिक परिदृश्य में भाजपा का यह अग्रिम प्रयास यह संकेत देता है कि पार्टी दक्षिण के इस राज्य में अपनी पैठ गहरी करने के लिए किसी भी तरह की कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहती है।