चंदे को अपनी जेब में डाल रहे थे पप्पू यादव
अपने किस्म का अनोखा प्रदर्शन
भगवा वस्त्र पहनकर पहुंचे थे वह
इस घटना से सचिवालय नाराज
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः संसद के भीतर शुक्रवार को एक नाटकीय दृश्य देखने को मिला, जब निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र धारण कर संसद परिसर में पहुँचे। उन्होंने अयोध्या स्थित राम मंदिर में हुए कथित दान की चोरी को दर्शाने के लिए एक सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस अनूठे विरोध में उनके साथ विपक्षी दलों के कई प्रमुख सांसद भी शामिल हुए, जिनका मुख्य उद्देश्य इस मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग करना था।
प्रदर्शन का स्वरूप एक नुक्कड़ नाटक जैसा था। इसमें अन्य विपक्षी सांसद भक्तों की भूमिका निभा रहे थे, जो दान पेटी में पैसे डाल रहे थे। पप्पू यादव, जो पुजारी की भूमिका में थे, चुपके से उन पैसों को दान पेटी में डालने के बजाय अपनी जेब में रख रहे थे। इस अवैध कृत्य को देखकर समाजवादी पार्टी के एक सांसद, जो भक्त बने थे, ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ने का नाटक किया। इस विरोध प्रदर्शन में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा के अवधेश प्रसाद और धर्मेंद्र यादव, तथा झामुमो की महुआ माजी जैसे कई नेता शामिल थे। प्रदर्शनकारी सांसदों के पीछे एक बड़ा बैनर लगा था जिस पर लिखा था: अमित शाह सदन से गायब क्यों?
इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में भारी विवाद पैदा कर दिया है। लोकसभा सचिवालय ने संसद परिसर में इस तरह के वेशभूषा-आधारित प्रदर्शनों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है और भविष्य में इनके निषेध के स्पष्ट संकेत दिए हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने भी इस घटना पर अप्रसन्नता जाहिर की है।
समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव ने बताया कि यह प्रदर्शन अयोध्या में कथित अनियमितताओं की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए था, जहाँ भक्तों को दान की रसीदें नहीं दी गईं और मामले से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज को डिलीट करने के गंभीर आरोप लगे हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष के इस कृत्य को सनातन को बदनाम करने वाला करार दिया है और इसे कभी न माफ करने वाला अपराध बताया है।
संसद के मकर द्वार पर हुए इस विरोध के दौरान अमित शाह इस्तीफा दो जैसे नारों के साथ विपक्ष ने सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई है। इंडिया ब्लॉक ने स्पष्ट किया है कि वे राम मंदिर दान और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार को सदन में पूरी तरह से बेनकाब करेंगे।