कुरुक्षेत्र ज्योतिसर तीर्थ के पवित्र वट वृक्ष पर अब नहीं बंधेगा मन्नत का धागा! लगेगा 10 फीट ऊंचा पीतल का ‘गीता ज्ञान स्तंभ’
कुरुक्षेत्र (हरियाणा): धर्मनगरी कुरुक्षेत्र स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिसर तीर्थ के अति पवित्र वट वृक्ष पर अब श्रद्धालु मन्नत का धागा नहीं बांध सकेंगे।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB) ने सदियों पुराने इस ऐतिहासिक वट वृक्ष को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सुरक्षित रखने और इसके संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बोर्ड प्रशासन तीर्थ परिसर में ही एक भव्य ‘पीतल का गीता ज्ञान स्तंभ’ स्थापित करने की अंतिम तैयारियों में जुटा हुआ है। आगामी दिनों में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु वट वृक्ष के स्थान पर इसी नए पीतल स्तंभ पर अपनी आस्था और मन्नत का धागा बांध सकेंगे।
🚩 10 फीट ऊंचा होगा पीतल का ‘गीता ज्ञान स्तंभ’, शीर्ष पर फहराएगी बजरंग बली की पताका
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा स्थापित किया जाने वाला यह नया पीतल स्तंभ लगभग 10 फीट ऊंचा और छह इंच व्यास का होगा।
इस स्तंभ के ऊपर भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के दिव्य रथ का अत्यंत आकर्षक चित्र उकेरा जाएगा। वहीं, स्तंभ के सबसे ऊपरी शीर्ष भाग पर महाबली श्री बजरंग बली (हनुमान जी) की विजय पताका स्थापित की जाएगी। बोर्ड का स्पष्ट मानना है कि इस वैकल्पिक व्यवस्था से श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और परंपरा पूरी तरह बनी रहेगी, साथ ही अत्यधिक धागे बंधने से पवित्र वट वृक्ष के तने व छाल को होने वाले प्राकृतिक नुकसान से भी बचाया जा सकेगा।
🌳 इसी स्थान पर भगवान कृष्ण ने दिया था गीता का उपदेश, CM नायब सिंह सैनी ने दी प्रोजेक्ट को मंजूरी
उल्लेखनीय है कि कुरुक्षेत्र का ज्योतिसर तीर्थ वही परम पावन स्थल है, जहां महाभारत युद्ध के दौरान भगवान श्री हरि विष्णु के अवतार भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का अमर उपदेश दिया था।
यहां आने वाले देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए वट वृक्ष पर धागा बांधते हैं, जो हजारों वर्षों से चली आ रही एक अटूट परंपरा है। हालांकि, लगातार बढ़ते धागों के दबाव और रसायनों के कारण वृक्ष की प्राकृतिक संरचना और जीवन पर गंभीर संकट मंडरा रहा था। इस गंभीर विषय पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी चिंता व्यक्त की थी। मुख्यमंत्री ने वट वृक्ष के संरक्षण और परिसर में पीतल का स्तंभ स्थापित करने के प्रस्ताव को अपनी प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।