अखिलेश से कहा बाद में मत पछतानाः ओबैसी
मुस्लिम वोट बैंक पर दोनों की दावेदारी
इंडिया गठबंधन के भीतर तालमेल हो
भाजपा को रोकने की रणनीति बने
राष्ट्रीय खबर
लखनऊः ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। मुरादाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बाहर करने के लिए इंडिया गठबंधन, विशेष रूप से अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी को गठबंधन का खुला प्रस्ताव दिया।
ओवैसी ने जनसभा में कहा कि उनकी पार्टी नहीं चाहती कि उत्तर प्रदेश में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आए और सरकार बनाए। उन्होंने सपा नेतृत्व को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे मुस्लिम और धर्मनिरपेक्ष वोटों के बिखराव को रोकना चाहते हैं, तो उन्हें एआईएमआईएम के साथ हाथ मिलाना चाहिए। अपने भाषण के दौरान ओवैसी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, मैं पहले भी कह चुका हूं और आज फिर कह रहा हूं कि मजलिस नहीं चाहती कि यूपी में फिर से भाजपा की सरकार बने। मैं साथ मिलकर चुनाव लड़ने और गठबंधन बनाने के लिए तैयार हूं। बात करने का सही समय आज है, चुनाव खत्म होने के बाद बाद में रोने से कोई फायदा नहीं होगा।
अक्सर विपक्षी दलों द्वारा भाजपा की बी-टीम कहे जाने के आरोपों पर पलटवार करते हुए ओवैसी ने कहा कि वे केवल भारतीय जनता पार्टी की जीत को रोकने का रास्ता बना रहे हैं। उन्होंने कहा, आप लोग आरोप लगाते हैं कि ओवैसी के चुनाव लड़ने से आपको नुकसान होता है, तो ठीक है, मैं आपके साथ मिलकर लड़ने के लिए तैयार हूं।
उत्तर प्रदेश की 403 सीटों वाली विधानसभा में यह प्रस्ताव समाजवादी पार्टी के लिए एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय साबित हो सकता है। सपा और एआईएमआईएम दोनों की नजरें मुख्य रूप से एक ही वोट बैंक (विशेषकर मुस्लिम मतदाताओं) पर टिकी हैं। यदि समाजवादी पार्टी इस प्रस्ताव को स्वीकार करती है, तो राज्य में ओवैसी की राजनीतिक पकड़ और मजबूत हो सकती है, जिससे सपा के लिए नए समीकरण और चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।