पोर्ट सेंट जॉर्ज से अब नये भवन में कार्यालय ले जाएंगे
राष्ट्रीय खबर
चेन्नईः फोर्ट सेंट जॉर्ज स्थित राज्य सचिवालय में स्थान की कमी और बढ़ती भीड़ की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ऐतिहासिक मुख्य इमारत से बाहर स्थानांतरित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के लिए नामक्कल कविग्नार मलिगई परिसर में नवीनीकरण का काम तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ-साथ तीन प्रमुख सरकारी विभागों के कई अनुभागों को भी वहां स्थानांतरित किया जा रहा है। तमिलनाडु की राजनीति में यह एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। इससे पहले 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने एम. करुणानिधि सरकार के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें सचिवालय को नवनिर्मित ओमांदुरार गवर्नमेंट एस्टेट में स्थानांतरित किया गया था। बाद में एआईएडीएमके सरकार ने ओमांदुरार परिसर को अस्पताल में बदल दिया था।
10 मंजिला नामक्कल कविग्नार मलिगई परिसर में वर्तमान में 34 सरकारी विभागों के सचिवों और अनुभागों के कार्यालय स्थित हैं और यह राज्य सचिवालय के प्रशासनिक केंद्र के रूप में कार्य करता है। मुख्यमंत्री विजय इस परिसर की 10वीं मंजिल पर अपना नया कार्यालय संभालेंगे, जहाँ से समुद्र का विहंगम दृश्य दिखाई देता है।
पदभार संभालने के बाद से, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय फोर्ट सेंट जॉर्ज की मुख्य इमारत की पहली मंजिल से काम कर रहे थे, जहाँ पिछले छह दशकों से मुख्यमंत्री कार्यालय संचालित होता रहा है। अधिकारियों के अनुसार, भारी संख्या में आने वाले आगंतुकों के कारण स्थान की कमी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इस स्थानांतरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। नया मुख्यमंत्री कार्यालय एनकेएम परिसर की 10वीं मंजिल पर स्थित सम्मेलन कक्ष के पास मौजूदा डाइनिग हॉल के स्थान पर बनाया जा रहा है। डाइनिग हॉल के फर्नीचर और सामान को कलैवानार अरंगम में शिफ्ट किया जा रहा है।
इस फेरबदल के कारण 10वीं मंजिल पर पहले से कार्यरत विभागों को स्थानांतरित किया जा रहा है। सूचना एवं तमिल विकास विभाग, गृह (निषेध) विभाग और वाणिज्यिक कर विभाग के अनुभागों को नए स्थानों पर भेजा जा रहा है। इनमें से सूचना एवं तमिल विकास विभाग सचिवालय परिसर से बाहर कलैवानार अरंगम से संचालित होगा, जबकि अन्य दो विभाग फोर्ट सेंट जॉर्ज परिसर में ही अन्यत्र समायोजित किए जाएंगे। 10 मंजिला एनकेएम भवन का निर्माण पार्सन फाउंडेशन द्वारा किया गया था और इसका उद्घाटन 1975 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने किया था, जिसके बाद समय-समय पर इसमें नवीनीकरण कराया जाता रहा है।