जयप्रकाश आंदोलन की राह पर बढ़ चला यह आंदोलन
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारत भर के कई प्रमुख शहरों में कॉकरोच जनता पार्टी और कॉकरोच आंदोलन के समर्थकों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए हैं। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में पुलिस के निषेधाज्ञा आदेशों और प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए दसों हजार प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए, जबकि देश के अन्य राज्यों और शहरों में भी हजारों छात्रों तथा युवाओं ने एक साथ एकत्र होकर भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की।
सोमवार को नई दिल्ली के मध्य भाग और जंतर-मंतर पर भारी संख्या में छात्र, युवा, पेशेवर और आम नागरिक जमा हुए। केंद्र सरकार के नियंत्रण वाली दिल्ली पुलिस द्वारा संसद भवन की ओर मार्च करने की अनुमति देने से इनकार करने, संवेदनशील इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद करने और निषेधाज्ञा लागू करने के बावजूद प्रदर्शनकारियों का जनसैलाब रुका नहीं। पुलिस ने संसद की तरफ बढ़ रहे जनसमूह को रोकने के लिए वाटर कैनन, बैरिकेडिंग, आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का प्रयोग किया, जिससे कई प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस व्यापक आंदोलन की शुरुआत मई 2026 में हुई थी, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा उच्चतम न्यायालय की सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं और कार्यकर्ताओं की तुलना कॉकरोच से किए जाने के बाद स्नातक छात्र अभिजीत दीपके ने व्यंग्यात्मक रूप से कॉकरोच जनता पार्टी का गठन किया था।
देखते ही देखते यह व्यंग्यात्मक पहल देश के इतिहास में युवाओं के सबसे बड़े सामाजिक तथा राजनीतिक आंदोलन में तब्दील हो गई। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग बार-बार हो रहे उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा पेपर लीक (जैसे नीट परीक्षा) और गंभीर बेरोजगारी के मुद्दों पर सरकारी जवाबदेही तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे तथा शिक्षा नीति में सुधार की है।
प्रख्यात पर्यावरण व शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की 21 दिनों से जारी भूख हड़ताल और रविवार को दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें जबरन अस्पताल ले जाने की घटना ने इस जनाक्रोश को और अधिक तीव्र कर दिया है। CJP प्रवक्ता सौरव दास सहित अन्य प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर मांगें रखीं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन न मिलने के कारण युवाओं का यह आंदोलन जारी है।