संसद मार्च के दौरान लाठी चार्ज और अश्रु गैस भी
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रात से ही आने लगे थे छात्र
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पुलिस के बैरिकेड्स तोड़कर बढ़े
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बाद में पुलिस ने कार्रवाई कर दी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः संसद मार्ग की ओर से संसद भवन की तरफ मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को सोमवार को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर सुरक्षा बलों द्वारा रोक दिया गया। भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कुछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए, जिन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।
रायसीना रोड पर संसद भवन से महज 200 मीटर की दूरी पर रोके गए प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। संसद मार्च की शुरुआत जंतर-मंतर से हुई थी, जहाँ कॉकरोच जनता पार्टी 20 जून से धरना दे रही है। यह मार्च संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित किया गया।
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि विरोध मार्च के दौरान संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके को पुलिस ने उठा लिया था। बाद में, एक्स पर उन्होंने स्पष्ट किया कि दीपके को दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया है। इससे पूर्व कल रात को भी पुलिस की घेराबंदी थी लेकिन विभिन्न इलाकों से लगातार आ रहे हजारों छात्रों के बीच पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
आज भी जब अपने मार्च में छात्र आगे बढ़े तो पुलिस के दो बैरिकोड तोड़ दिये गये। दरअसल पुलिस को भी इस मार्च में इतनी अधिक संख्या में युवकों को शामिल होने का शायद अनुमान नहीं था। इससे पहले दिन में, मानसून सत्र के पहले दिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद मार्च के लिए हजारों छात्र, कार्यकर्ता और पेशेवर जंतर-मंतर और उसके आसपास एकत्र हुए थे।
एक ऑनलाइन आंदोलन सीजेपी के बैनर तले एकत्र हुए प्रदर्शनकारी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और बार-बार होने वाले पेपर लीक के मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों ने मध्य दिल्ली में लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ दिया।
संसद मार्च के दौरान हुए भारी बवाल और पुलिस कार्रवाई के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। विरोध-प्रदर्शन के बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से यह अहम बैठक हुई।
मुलाकात के दौरान सीजेपी के प्रतिनिधियों ने देश भर में आयोजित होने वाली प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, बार-बार हो रहे पेपर लीक और लाखों छात्रों के अनिश्चित भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उनके समक्ष रखा। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में तत्काल सुधार, कठोर कानून और जवाबदेही तय करने की मांग की।
सूत्रों के अनुसार, जेपी नड्डा ने प्रतिनिधियों की चिंताओं को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निष्पक्षता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हालांकि, इस मुलाकात के बाद सीजेपी की ओर से अभी यह साफ नहीं किया गया है कि वे अपना धरना खत्म करेंगे या मांगें पूरी होने तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रखेंगे।