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इस सरकार को उखाड़ फेंकना होगाः उद्धव ठाकरे

सोनम वांगचुक के अनशन के समर्थन में मुंबई में सड़क शिवसैनिक

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः प्रख्यात शिक्षाविद् व पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को अब महाराष्ट्र से बड़ा राजनीतिक समर्थन मिला है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए देश की जनता से आह्वान किया कि जो सरकार अपने नागरिकों के प्रति जवाबदेह नहीं है, उसे सत्ता से उखाड़ फेंकने का समय आ गया है।

उद्धव ठाकरे ने नीट परीक्षा में सामने आई कथित धांधली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस अव्यवस्था ने देश के होनहार विद्यार्थियों को हताशा में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल सोनम वांगचुक तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की पूरी युवा पीढ़ी के भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा है। ठाकरे ने वांगचुक के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि माइनस डिग्री तापमान में देश के सीमा पर तैनात जवानों के लिए सौर-ऊर्जा चालित तंबू बनाने वाले और लद्दाख में पानी के संकट से निपटने के लिए कृत्रिम हिम स्तूप बनाने वाले देशभक्त को किस आधार पर राष्ट्रविरोधी ठहराया जा रहा है? पूर्व मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2011 में जब अन्ना हजारे अनशन पर बैठे थे, तब केंद्र सरकार ने संवाद के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल भेजा था। उन्होंने सवाल उठाया कि वर्तमान मोदी सरकार वांगचुक से बातचीत करने के बजाय उनसे दूरी क्यों बनाए हुए है?

प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि युवाओं के हक की लड़ाई में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सिर्फ पहली मांग है और अगर छात्रों को न्याय नहीं मिला तो यह लड़ाई देश के शीर्ष नेतृत्व तक जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार संकट और बेरोजगारी के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए जाति और धर्म के विवाद खड़े कर रही है। प्रदर्शन में पार्टी सांसद संजय राउत, सुषमा अंधारे समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।