इराक के कुर्दिस्तान के दो खास इलाकों में भारी तबाही
एजेंसियां
बगदादः इराक के स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय तनाव चरम पर पहुंच गया जब ईरान ने सुलेमानिया और एरबिल शहरों के विभिन्न ठिकानों को निशाना बनाकर भीषण ड्रोन हमले किए। सुरक्षा सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, इन हमलों में कई लोग घायल हुए हैं और बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ है।
एक सुरक्षा अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शुक्रवार शाम ईरान-इराक सीमा के करीब स्थित पूर्वी कुर्दिस्तान क्षेत्र के सुलेमानिया शहर में ईरानी ड्रोन्स ने भारी बमबारी की। इस हमले में कुर्दिस्तान क्षेत्र के सैन्य बल पेशमर्गा के हथियारों के डिपो को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया।
रात होने के बाद, करीब 8 बजे, सुलेमानिया से लगभग 20 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित तस्लुजा क्षेत्र में हथियारों के गोदामों पर सिलसिलेवार ड्रोन हमले हुए। एक हमले के बाद भंडारण सुविधा में इतना भीषण विस्फोट हुआ कि वहां रखे गोले-बारूद हवा में उड़कर आसपास के रिहायशी इलाकों में जा गिरे। पहाड़ी श्रृंखला के पास स्थित तस्लुजा शहर के रिहायशी इलाकों में गोला-बारूद फटने के कारण कई नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद एम्बुलेंसों को मौके पर दौड़ते और घायलों को सुलेमानिया के अस्पतालों में ले जाते देखा गया।
इसी बीच, कुर्दिस्तान की राजधानी एरबिल पर लगातार तीसरे दिन ईरानी ड्रोन हमले जारी रहे। एरबिल के एक निवासी कारवान अली ने बताया कि रात करीब 9:30 बजे शहर में चार जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि शुरुआत में यह स्पष्ट नहीं था कि निशाना किस सटीक जगह को बनाया गया है, लेकिन एरबिल के उत्तर-पूर्व दिशा से आसमान में आग की ऊंची लपटें उठती देखी गईं। फिलहाल सुरक्षा अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर इन हमलों के कुल नुकसान की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
इस हमले से पहले शुक्रवार को ही, कुर्दिस्तान क्षेत्र के राष्ट्रपति कार्यालय और कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार ने अलग-अलग बयान जारी कर इन हमलों की कड़ी निंदा की थी। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले स्थिति को और अधिक जटिल बनाते हैं तथा क्षेत्र की स्थिरता को कमजोर करते हैं। कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार ने इन हमलों को पूरी तरह से अनुचित करार देते हुए बगदाद में बैठी इराक की संघीय सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन हमलों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।