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MP Congress: सुसनेर MLA भेरूसिंह परिहार के बागी तेवर, जीतू पटवारी को दी नसीहत, दी पार्टी छोड़ने की चेतावनी

भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस (MP Congress) में गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। आगर मालवा जिले की सुसनेर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक भेरूसिंह परिहार ‘बापू’ ने अपनी ही पार्टी के संगठन और नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए यहां तक कह दिया कि जरूरत पड़ने पर वे पार्टी छोड़ भी सकते हैं।

बैठक की नहीं दी गई सूचना, पोस्टर से भी तस्वीर गायब

दरअसल, यह पूरा विवाद नलखेड़ा में आयोजित कांग्रेस की एक संगठनात्मक बैठक से जुड़ा है। विधायक भेरूसिंह परिहार का आरोप है कि उनके ही विधानसभा क्षेत्र में ब्लॉक और नगर कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई, लेकिन उन्हें इसकी कोई सूचना तक नहीं दी गई। इतना ही नहीं, कार्यक्रम के पोस्टर और अन्य प्रचार सामग्री से भी उनका नाम और तस्वीर जानबूझकर गायब रखी गई।

‘चुनाव में भितरघात करने वालों को मिल रहा संगठन में महत्व’

विधायक ने दावा किया कि जब उन्हें इस बैठक की भनक लगी, तो उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह से फोन पर व्यवस्थाओं को लेकर बात करनी चाही। लेकिन उन्हें जवाब मिला कि “विधायक से बात नहीं करना है।” परिहार ने इसे एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि का अपमान बताते हुए कहा कि यदि संगठन अपने ही विधायक को नजरअंदाज करेगा, तो पार्टी कैसे मजबूत होगी? उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ काम करने वाले लोगों को संगठन में महत्व दिया जा रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को दी सीधी नसीहत

सुसनेर विधायक ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) को भी आड़े हाथों लिया। परिहार ने नसीहत देते हुए कहा कि केवल प्रदेशभर के दौरे करने से सरकार नहीं बनेगी। पहले पार्टी के भीतर की गुटबाजी और कलह को खत्म करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संगठन की स्थिति नहीं सुधरी, तो कांग्रेस 2028 में भी सत्ता से दूर रह सकती है।

‘क्या कुछ नेता भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं?’

विधायक ने सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा से नाराज होकर कांग्रेस की ओर उम्मीद से देख रही है, लेकिन भोपाल में बैठे कुछ कांग्रेस नेता ही पार्टी की सरकार नहीं बनने देना चाहते। उन्होंने यह तक सवाल उठाया कि क्या कुछ नेता भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं? भेरूसिंह परिहार ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि हालात नहीं बदले, तो वे अपने समर्थकों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे और जरूरत पड़ी तो पार्टी छोड़ भी सकते हैं। उनके इस बयान ने मध्य प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है।