एनसीपी(शरद पवार) गुट के खेमा बदल को खारिज कर दिया बयान
राष्ट्रीय खबर
मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस में शामिल नहीं होने जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने संसद के आगामी मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले विवादास्पद 131वें संविधान संशोधन (परिसीमन) विधेयक को लेकर अपनी पार्टी के रुख पर एक महत्वपूर्ण संकेत दिया है।
सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभा सीटों में 50 प्रतिशत की समान अनुपात में वृद्धि करने की शर्त को लिखित रूप में शामिल करती है, तभी राकांपा (नेकां) इस विधेयक पर समर्थन देने के लिए इंडिया गठबंधन के भीतर चर्चा करेगी। उन्होंने कहा, सरकार पहले 50 प्रतिशत की यह शर्त कागज पर दे, उसके बाद ही हम इस पर कोई अंतिम फैसला लेंगे। सुले ने चिंता व्यक्त की कि यदि परिसीमन केवल जनसंख्या के आधार पर किया गया, तो यह दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ घोर अन्याय होगा। इसलिए राज्यों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए सीटों में 50 प्रतिशत की वृद्धि और इस पर एक कैप (सीमा) लगाना बेहद जरूरी है।
इस मामले पर अपनी बात रखते हुए बारामती की सांसद ने खुलासा किया कि वे हाल ही में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा बुलाई गई एक सर्वदलीय बैठक में शामिल हुई थीं, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत और एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी भी थे। सरकार ने उन्हें आश्वस्त किया था कि उन्होंने कांग्रेस, सपा और डीएमके जैसी अन्य पार्टियों से भी इस संबंध में बात की है और उनके पास सीटों में समान बढ़ोतरी का एक प्रस्ताव है।
सुले ने कहा कि सरकार ने पहले भी आश्वासन दिया था लेकिन अप्रैल 2026 में जब मूल विधेयक लाया गया, तो दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण वह संसद में गिर गया था। उन्होंने असम में कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के निर्वाचन क्षेत्र के परिसीमन का हवाला देते हुए कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण किसी एक पार्टी की मर्जी से नहीं होना चाहिए, बल्कि इसकी प्रक्रिया और फॉर्मूला पूरी तरह पारदर्शी होना चाहिए।
सुप्रिया सुले की यह सफाई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भाजपा आगामी मानसून सत्र में 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए शरद पवार गुट और डीएमके पर डोरे डाल रही है। चिदंबरम ने दोनों क्षेत्रीय दलों से इस बिल का समर्थन न करने की अपील की थी। एनडीए में जाने की अफवाहों पर सुले ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, हमारे बारे में फैलाई जा रही सभी खबरें केवल सूत्रों पर आधारित अफवाहें हैं, जिनका मकसद हमारी पार्टी की छवि खराब करना है। हम इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े हैं और कहीं भी जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता।