अवैध घुसपैठ और तस्करी के खिलाफ सीमा पर कड़ा रुख
राष्ट्रीय खबर
कैनिंगः भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को और अधिक चाक-चौबंद करने के लिए बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार ने हाल ही में सुंदरवन के दुर्गम डेल्टा और तटीय इलाकों का गहन निरीक्षण किया। तीन दिवसीय दौरे के दौरान, उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों की परिचालन तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था और कंटीले तारों की बाड़ लगाने के काम की विस्तृत समीक्षा की।
डीजी प्रवीण कुमार ने अत्यंत प्रतिकूल और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सीमा रक्षकों के साहस और निष्ठा की सराहना की। उन्होंने जवानों से अपनी पेशेवर ईमानदारी और कर्तव्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता बनाए रखने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों और सरकारी अधिकारियों के साथ भी बैठकें कीं, ताकि सीमावर्ती आबादी और सुरक्षा बलों के बीच समन्वय और विश्वास को और मजबूत किया जा सके। इस आदमखोर बाघों की बहुतायत वाले इलाके से हाल के दिनों में निरंतर अवैध घुसपैठ और अनेक किस्म की तस्करी की शिकायतें मिल रही थी।
दूसरी ओर, राज्य में घुसपैठ के मुद्दे पर मुख्यमंत्री और शुभेंदु अधिकारी के बयानों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री ने घुसपैठ के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए कहा कि सरकार ने इसे रोकने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 12 होल्डिंग स्टेशन तैयार किए गए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, नीति स्पष्ट है—घुसपैठियों को पकड़कर सीधे बीएसएफ के हवाले किया जाना चाहिए ताकि उन्हें वापस उनके देश भेजा जा सके। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि रास्ता वे स्वयं जानते हैं जहाँ से वे आए थे।
निवेश और आपदा प्रबंधन पर ध्यान सीमा सुरक्षा के साथ-साथ, राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार ने औद्योगिक घरानों को एक स्पष्ट संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि पश्चिम बंगाल में एक उद्योग-अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है और राज्य सरकार की ओर से निवेशकों को विशेष प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।