अमेरिकी प्रतिबंधों का कहर झेल रहा है यह देश
एजेंसियां
हवानाः क्यूबा की सरकारी ऊर्जा कंपनी ने बताया कि देश सोमवार को एक बार फिर देशव्यापी ब्लैकआउट (बिजली गुल होने) की मार झेल रहा है, जो इस साल की शुरुआत के बाद से तीसरा बड़ा ब्लैकआउट है। क्यूबा का ऊर्जा संकट, जो पहले से ही एक बड़ी समस्या बना हुआ था, संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए तेल प्रतिबंध के बाद से और अधिक बदतर हो गया है। सीएनएन (CNN) की रिपोर्ट के अनुसार, क्युबाई ऊर्जा कंपनी ने कहा कि देश का इलेक्ट्रिकल ग्रिड पूरी तरह से ठप (कोलैप्स) हो गया है और वे इसके कारणों की जांच करने व बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, देश का ऊर्जा बुनियादी ढांचा काफी पुराना हो चुका है, जिसमें ज्यादातर सोवियत काल के पावर प्लांट शामिल हैं। अमेरिकी प्रतिबंधों का मतलब है कि अब ग्रिड को चलाने वाले जनरेटरों के लिए ईंधन (फ्यूल) की भारी किल्लत हो गई है। हालांकि, इस प्रतिबंध से पहले भी क्यूबा में सालों से बिजली कटौती एक आम बात रही है।
अब, इस नाकेबंदी और प्रतिबंधों ने क्यूबा में हालातों को उस स्तर पर पहुंचा दिया है जहां शिक्षा, चिकित्सा और यहाँ तक कि भोजन व पानी जैसी आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच प्रभावित हो रही है। संयुक्त राष्ट्र ने अप्रैल में कहा था कि देश में मानवीय आवश्यकताएं काफी गंभीर और निरंतर बनी हुई हैं। क्यूबा की स्वास्थ्य प्रणाली में लगभग 1,00,000 सर्जरी लंबित (पेंडिंग) पड़ी हैं, जिनमें 11,000 बच्चों की सर्जरी शामिल हैं। ब्लैकआउट के अलावा, स्कूल भी शिक्षकों की कमी, परिवहन के अभाव और अन्य शैक्षणिक संसाधनों की किल्लत से जूझ रहे हैं।
क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कैनेल ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका प्रतिबंधों के जरिए दम घोंटकर एक जन आक्रोश भड़काने की कोशिश कर रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने 1960 के दशक से ही क्यूबा पर आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे हैं, लेकिन ट्रम्प प्रशासन के दूसरे कार्यकाल में इन दंडात्मक उपायों को और कड़ा कर दिया गया है। साल 2026 की शुरुआत से लेकर अब तक क्यूबा के बंदरगाह पर केवल एक तेल टैंकर को ही डॉक (लंगर डालने) करने की अनुमति दी गई है।
मई में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत क्यूबा के ऊर्जा, रक्षा, खनन और वित्तीय सेवा क्षेत्रों में काम करने वालों पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति दी गई है। साथ ही उन लोगों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है जिन्हें अमेरिका मानवाधिकारों के उल्लंघन का दोषी मानता है या जो हवाना सरकार के लिए काम कर रहे हैं या सेवाएं दे रहे हैं। इस बीच, पिछले कुछ हफ्तों में क्यूबा और अमेरिकी अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई है।