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मामले की निष्पक्ष जांच हो और धैर्य रखेः होसबोले

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी राम मंदिर पर बयान दिया

  • धैर्य जरूरी ताकि दुरुपयोग ना हो इसका

  • पूरा हिंदू समाज इस सूचना से आहत है

  • एसआईटी जांच पूरा होने तक वक्त दें

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के दान में कथित हेराफेरी के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शुक्रवार को कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इस मामले में कड़ी कार्रवाई जरूरी है। इसके साथ ही संघ ने कहा कि इस घटना से श्रद्धालु आहत हैं।

एक वीडियो बयान में, आरएसएस के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबाले ने हिंदुओं से संयम बरतने का भी आह्वान किया और कहा कि हिंदू विरोधी तत्वों को इस अवसर का दुरुपयोग करके हिंदू धर्म के बारे में गलत जानकारी फैलाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने आगे उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल इस मामले में निष्पक्ष जांच करेगा।

होसबाले ने कहा, अयोध्या में राम मंदिर में चोरी के आरोपों से भगवान राम के भक्तों और समाज को गहरी ठेस पहुंची है। यूपी सरकार ने एसआईटी का गठन कर जांच शुरू कर दी है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने आगे जोड़ा, आरएसएस का मानना है कि सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है और श्रद्धालुओं की आस्था को बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। हम इसमें एक निष्पक्ष जांच की उम्मीद करते हैं। आरएसएस पूरे हिंदू समाज से भी संयम बरतने और धैर्य रखने का अनुरोध करता है, ताकि हिंदू विरोधी तत्वों को इस घटना का फायदा उठाने का मौका न मिले।

चोरी के इन आरोपों ने उत्तर प्रदेश में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है, जहां अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। फिलहाल इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है, जिसने चंपत राय के करीबी सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं।

एसआईटी इस मामले की जांच जारी रखेगी, जो पिछले पांच वर्षों के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खातों का री-ऑडिट (पुनः लेखा परीक्षण) भी करेगी। इस री-ऑडिट में निर्माण से जुड़े खर्च के साथ-साथ दान के रूप में मिले आभूषण और सोने-चांदी की अन्य वस्तुएं भी शामिल होंगी। अधिकारियों ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी भी बरामद की है, जिसमें शुक्ला से 20.39 लाख रुपये, करुणेश पांडे से 18.07 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख रुपये, रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपये और टिन्नू यादव से 1 लाख रुपये शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, एक ग्राम सोना, लगभग 375 ग्राम चांदी और 1,121 अमेरिकी डॉलर भी बरामद किए गए हैं।