आरोपी का मणिपुर के तस्कर से संबंध था
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व्हाट्सएफ कॉल पर बात करता था
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37 किलो से अधिक का सोना मिला
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म्यांमार से भी इसके तार जुड़े हैं
उत्तर पूर्व संवाददाता
गुवाहाटीः गुवाहाटी सिटी पुलिस को रिकॉर्ड 55 करोड़ रुपये के सोने की जब्ती मामले की जांच के दौरान नए और महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जांचकर्ताओं ने पाया है कि मामले का मुख्य आरोपी अक्षय बंसोड व्हाट्सएप कॉल के जरिए मणिपुर के एक संदिग्ध तस्कर के लगातार संपर्क में था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र के रहने वाले इस आरोपी को तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। वह कथित तौर पर इंटरनेट-आधारित कॉल (व्हाट्सएप) का उपयोग करके मणिपुर के तस्कर के साथ लगातार बातचीत कर रहा था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि इस तस्कर के संबंध म्यांमार के ऑपरेटरों से हैं, जो एक अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी नेटवर्क की संलिप्तता की ओर इशारा करता है।
सूत्रों के मुताबिक, तस्करी का यह सोना देश के विभिन्न हिस्सों में भेजे जाने से पहले ट्रेन के जरिए गुवाहाटी लाया गया था। पुलिस अब इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की पहचान करने और इस पूरे ऑपरेशन के पीछे के वित्तीय लेन-देन (मनी ट्रेल) का पता लगाने में जुटी है।
आरोपी बंसोड के पास से 37.064 किलोग्राम संदिग्ध सोना बरामद किया गया है, जिसकी कीमत 55 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। इसके साथ ही 13 ग्राम चांदी के टुकड़े भी जब्त किए गए हैं। यह असम पुलिस द्वारा अब तक की गई सोने की सबसे बड़ी जब्ती है। जांचकर्ताओं को यह भी पता चला है कि इस तस्करी नेटवर्क के तार मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे प्रमुख भारतीय शहरों के अलावा मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) और म्यांमार तक फैले हुए थे।
पुलिस ने बताया कि मंगलवार को अपनी चौथी कोशिश के दौरान पकड़े जाने से पहले, बंसोड कथित तौर पर बिना पकड़े गए तीन तस्करी अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दे चुका था। वह पिछले करीब दो महीने से गुवाहाटी के गांधीबस्ती इलाके में रह रहा था। यह बड़ी कामयाबी सेंट्रल गुवाहाटी पुलिस डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) से मिले खुफिया इनपुट के आधार पर मिली, जिसके बाद लातासिल पुलिस स्टेशन की टीम ने खारघुली में छापेमारी कर इस सोने और मोबाइल फोन को जब्त किया। पुलिस ने लातासिल थाने में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।