Monsoon Update: ‘अल नीनो’ के खतरे पर पीएम मोदी सख्त, राज्यों को पानी बचाने और आपदा प्रबंधन के लिए किया अलर्ट
देश में मानसून की दस्तक के साथ ही केंद्र सरकार पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट मीटिंग में ‘अल नीनो’ (El Nino) के प्रभाव और कमजोर मानसून से पैदा होने वाले संभावित खतरों पर गंभीर चर्चा की। पीएम ने सभी संबंधित विभागों और मंत्रालयों को किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया है।
⚡ 10 मंत्रालयों को विशेष जिम्मेदारी, बिजली तंत्र को मजबूत करने का निर्देश
सूत्रों के अनुसार, इस बार अल नीनो के कारण मानसून के पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कहीं अतिवृष्टि (बहुत अधिक बारिश) तो कहीं अल्पवृष्टि (सूखा) की आशंका जताई जा रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए केंद्र ने 10 प्रमुख मंत्रालयों को जिम्मेदारी सौंपी है। पीएम ने विशेष रूप से बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए केबलों की मरम्मत और बुनियादी ढांचे के रखरखाव पर जोर दिया है, ताकि आपात स्थिति में सेवाएं बाधित न हों।
🤝 राज्यों के साथ बेहतर समन्वय पर जोर
प्रधानमंत्री ने कैबिनेट को निर्देश दिया कि अल नीनो के असर को कम करने के लिए राज्यों के साथ तालमेल बिठाना अनिवार्य है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के वैश्विक उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा। पीएम ने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन में राज्यों की भागीदारी और उनकी तैयारियों का स्तर बहुत मायने रखता है।
💧 जल संरक्षण ही है समाधान
विश्व मौसम विज्ञान संगठन और भारतीय मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेते हुए, पीएम मोदी ने सभी राज्यों को ‘जल संरक्षण’ (Water Conservation) पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। सूखे और भीषण गर्मी की स्थिति से निपटने के लिए उन्होंने पानी को बचाने को आज की सबसे बड़ी जरूरत बताया है। सरकार का प्रयास है कि मानसून के बदलते मिजाज के बीच जन-जीवन को प्रभावित होने से बचाया जाए।