अंबाला के धनयोड़ा गांव में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। खेलते-खेलते बोरवेल में गिरे 4 साल के निरवैर सिंह को बचाने के लिए प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने 21 घंटे तक अथक प्रयास किया, लेकिन अंत में मासूम की जान नहीं बचाई जा सकी। आज सुबह करीब 3:30 बजे निरवैर का शव बोरवेल से बाहर निकाला गया। गमगीन माहौल में परिवार ने मासूम का अंतिम संस्कार किया।
⚠️ लापरवाही का जीता-जागता प्रमाण
यह हादसा मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे हुआ था। परिजनों का आरोप है कि पुरानी बोरवेल को बिना ढके और बिना किसी चेतावनी के खुला छोड़ दिया गया था। पास में ही नया बोरवेल होने के बावजूद खेत मालिक ने पुरानी बोरवेल को ढंकने की जहमत नहीं उठाई। इस लापरवाही की कीमत एक 4 साल के बच्चे को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
👮 खेत मालिक और ठेकेदारों पर केस दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। अंबाला के एसपी अजित सिंह शेखावत ने जानकारी दी कि मृतक बच्चे के परिवार की शिकायत पर सदर थाना में खेत मालिक और खेत ठेके पर लेने वाले दो ठेकेदारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल मामले की बारीकी से जांच कर रही है ताकि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
📢 बोरवेल सुरक्षा को लेकर प्रशासन का सख्त रुख
इस घटना ने एक बार फिर खुले बोरवेल की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब उन सभी क्षेत्रों की पहचान कर रहा है जहां बोरवेल खुले छोड़ दिए गए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने खेतों में मौजूद बोरवेल को तुरंत ढंकें, ताकि भविष्य में कोई और मासूम इस तरह की लापरवाही का शिकार न बने।