भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पहले ही चेतावनी दे दी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः जून के महीने में देश को भीषण गर्मी और बारिश की कमी का सामना करना पड़ा था, और अब भारतीय मौसम विभाग की हालिया रिपोर्ट जुलाई के लिए भी कोई राहत भरी खबर नहीं लेकर आई है। मौसम विभाग ने मंगलवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि जुलाई के महीने में पूरे भारत में औसत बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। स्थिति और भी चिंताजनक इसलिए है क्योंकि तापमान भी पूरे महीने सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है, जिससे गर्मी और उमस का प्रकोप जारी रह सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई में लंबी अवधि के औसत (1971-2020) का केवल 94 प्रतिशत बारिश होने की संभावना है। भारत में जुलाई के लिए सामान्य वर्षा का आंकड़ा लगभग 280.4 मिमी है। यह चेतावनी तब आई है जब देश ने जून 1901 के बाद से अब तक की पांचवीं सबसे कम (99.5 मिमी) बारिश दर्ज की है। पूरे भारत में जून के दौरान बारिश में लगभग 40 प्रतिशत की कमी देखी गई, जिसमें मध्य भारत सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां सामान्य से 50.4 प्रतिशत कम बारिश हुई।
तेलंगाना की स्थिति पर गौर करें तो वहां हालात थोड़े बेहतर रहे। तेलंगाना राज्य विकास योजना सोसाइटी के आंकड़ों के अनुसार, हैदराबाद में जून में सामान्य वर्षा दर्ज की गई, हालांकि राज्य के 15 जिलों में बारिश की कमी रही। कुल मिलाकर, तेलंगाना में 124.6 मिमी की सामान्य वर्षा के मुकाबले 113 मिमी बारिश हुई, जिसे सामान्य श्रेणी में रखा गया है। आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि देश के कुछ हिस्सों, विशेषकर उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र में सामान्य या उससे अधिक बारिश होने की उम्मीद है।
डॉ. महापात्र ने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान इस कम बारिश के पीछे पांच मुख्य कारक जिम्मेदार हैं, जो इस बार सक्रिय मानसून की राह में बाधा बन रहे हैं। बारिश में यह कमी न केवल कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है, बल्कि यह देश के जल भंडारों और बिजली उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। जुलाई, जो खरीफ फसलों के लिए सबसे महत्वपूर्ण महीना माना जाता है, उसमें इस प्रकार की स्थिति किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। फिलहाल, देश भर की नजरें मौसम विभाग के अगले अपडेट और मानसून के आगे के व्यवहार पर टिकी हैं।