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Indore Health News: संजीवनी क्लिनिक में हेल्थ एटीएम बदहाल; किट और ऑपरेटर के अभाव में ठप पड़ी स्वास्थ्य सुविधाएं

इंदौर: आम लोगों को तकनीक के जरिए त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से शुरू किया गया प्रदेश का पहला ‘हेल्थ एटीएम’ अब खुद बदहाली का शिकार हो गया है। कुलकर्णी नगर स्थित संजीवनी क्लिनिक में लगा यह एटीएम पिछले पांच महीनों से पूरी तरह बंद पड़ा है। स्थिति इतनी खराब है कि जिस कक्ष में इस आधुनिक मशीन को लगाया गया था, वहां अब मरीजों की जांच के बजाय डस्टबीन रख दिए गए हैं।

🩺 क्या था हेल्थ एटीएम का दावा?

उद्घाटन के समय इसे एक क्रांतिकारी कदम बताया गया था। दावों के अनुसार:

  • मात्र 5 मिनट में 60 से अधिक प्रकार की जांचें (डेंगू, मलेरिया, शुगर, ईसीजी, लीवर फंक्शन आदि) मुफ्त उपलब्ध होनी थीं।

  • डॉक्टरों से मुफ्त वीडियो परामर्श की सुविधा दी जानी थी।

  • मरीजों को चंद मिनटों में रिपोर्ट मिलनी थी।

❌ किट और ऑपरेटर नदारद

मशीन तकनीकी रूप से खराब नहीं है, लेकिन इसके संचालन के लिए आवश्यक किट और रिएजेंट की आपूर्ति पिछले पांच माह से बंद है। न ही कंपनी ने किट भेजी और न ही विभाग ने इसे शुरू कराने की सुध ली। स्थिति यह है कि इसे चलाने वाला ऑपरेटर भी अब वहां नहीं है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीज फिर से निजी लैब की महंगी जांचें कराने को मजबूर हैं।

📉 धूल फांक रही हैं स्वास्थ्य विभाग की अन्य मशीनें

यह केवल एक मामला नहीं है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की कड़वी सच्चाई है। शासकीय हुकूमचंद अस्पताल में भी डेढ़ साल से सोनोग्राफी मशीन सिर्फ इसलिए धूल खा रही है क्योंकि वहां रेडियोलॉजिस्ट ही नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी कई उपकरण इसी तरह बंद पड़े हैं, जिसका सीधा खामियाजा जरूरतमंद मरीजों को उठाना पड़ रहा है।