Crude Oil Price Crash: कच्चे तेल की कीमतों में 5% की बड़ी गिरावट; क्या भारत में सस्ते होंगे पेट्रोल-डीजल?
नई दिल्ली: इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई भारी गिरावट से आम जनता के लिए राहत की उम्मीद जगी है। सोमवार को कच्चे तेल के दाम एक समय 82 डॉलर प्रति बैरल के पार थे, लेकिन बाजार बंद होते-होते ये धड़ाम होकर 77 डॉलर के स्तर पर आ गए। बीते 24 घंटों में कीमतों में लगभग 5 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
🌍 गिरावट की मुख्य वजह: अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती सकारात्मकता
कच्चे तेल की कीमतों में इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच हुई बैठक को माना जा रहा है। अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री के लिए दो महीने की राहत दे दी है। इसके अलावा, होर्मुज स्ट्रेट से क्रूड टैंकरों की आवाजाही में सुधार और इराक द्वारा उत्पादन बहाल करने की योजना से वैश्विक सप्लाई को लेकर चिंताएं कम हुई हैं।
⛽ भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम पर क्या होगा असर?
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के संकेतों के अनुसार, जब भारत की रिफाइनरीज में सस्ता कच्चा तेल पहुँचेगा, तो उसका लाभ उपभोक्ताओं को मिल सकता है। फिलहाल देश में पिछले 29 दिनों से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
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दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये, डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर।
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मुंबई: पेट्रोल 111.21 रुपये, डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर।
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कोलकाता: पेट्रोल 113.51 रुपये, डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर।
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चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये, डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर।
🔮 क्या और सस्ता होगा ईंधन?
जेपी मॉर्गन की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, तेल कंपनियों के मार्जिन में सुधार हुआ है, जो युद्ध से पहले की स्थिति से भी बेहतर है। यदि कच्चे तेल में यह गिरावट का दौर जारी रहता है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फ्रीज बटन हट सकता है और उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। हालांकि, एलपीजी के मोर्चे पर कंपनियों को अभी भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।