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सरकार तक मामला पहुंचने के बाद पुलिस महकमा सतर्क

रायगढ़ जिला की हिंसा में तेइस लोग गिरफ्तार

भुवनेश्वरः ओडिशा के रायगढ़ जिले में हाल ही में हुई हिंसा के मामले को पुलिस ने रेड फ्लैग का दर्जा दिया है, जिसका अर्थ है कि अब इस मामले की निगरानी उच्च प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। रायगढ़ की पुलिस अधीक्षक स्वाति एस. कुमार ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस घटना के सिलसिले में अब तक 23 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।

पुलिस ने इस मामले में तीन अलग-अलग केस दर्ज किए हैं और क्राइम ब्रांच की सहायता से विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना 16 जून को कल्याणीसिंहपुर ब्लॉक के कंडुलगुडा गांव में हुई थी, जब एक एनजीओ की महिला कर्मचारी और उनके पुरुष सहयोगी को ग्रामीणों ने गलती से बच्चा चोर समझ लिया था। इसके बाद भीड़ ने उन पर हमला कर दिया और महिला के साथ बदसलूकी की।

घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें भीड़ को महिला को बालों से खींचते और उनके कपड़े फाड़ते हुए देखा जा सकता है। इस फुटेज के सामने आने के बाद राज्यभर में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। एसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे रेड फ्लैग श्रेणी में रखा गया है, ताकि विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सके और जांच की बारीकी से निगरानी हो सके।

पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर चुकी है और अन्य संदिग्धों की पहचान करने के लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं। इसके अलावा, पुलिस इस मामले से जुड़े वीडियो को रिकॉर्ड करने और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना सहमति के इस तरह की सामग्री बनाने और साझा करने वालों पर आईटी एक्ट और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इंटालिगुडा गांव और उसके आसपास के इलाकों में बाकी संदिग्धों को पकड़ने के लिए पुलिस का तलाशी अभियान जारी है।