फिदेल कास्त्रो के घनिष्ठ सहयोगी का अधिक आयु में निधन
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वामपंथी क्रांति के अन्यतम सैनिक थे
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देश की खुफिया प्रणाली को तैयार किया
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उस दौर के राउल कास्त्रो ही जीवित बचे
एजेंसियां
हवानाः क्यूबा की साम्यवादी क्रांति के प्रमुख नायक और देश की कुख्यात खुफिया प्रणाली के वास्तुकार माने जाने वाले रामिरो वाल्डेस का 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनल ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस दुखद समाचार की पुष्टि की। उन्होंने वाल्डेस को एक पितृवत व्यक्तित्व बताते हुए उनकी मातृभूमि की सेवा के प्रति अनुकरणीय समर्पण की भरपूर प्रशंसा की।
रामिरो वाल्डेस क्यूबा की क्रांति के उन अंतिम जीवित नेताओं में से थे, जिन्होंने दशकों तक देश की राजनीति को आकार दिया। उनके निधन के साथ ही उस ऐतिहासिक दौर के एक और अध्याय का अंत हो गया है। उनके साथियों में अब केवल 95 वर्षीय राउल कास्त्रो ही जीवित बचे हैं। वाल्डेस दिवंगत फिदेल कास्त्रो के अत्यंत करीबी सहयोगी थे, जिनका 2016 में 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।
राष्ट्रपति डियाज-कैनल ने अपने भावपूर्ण संदेश में लिखा, कमांडर रामिरो के जीवन का प्रत्येक कार्य फिदेल और राउल के नेतृत्व के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और अपने साथी लड़ाकों के प्रति समर्पण से प्रेरित था। उन्होंने मोनकाडा कार्यक्रम का विशेष उल्लेख किया, जो 1953 में तत्कालीन शासक फुल्गेन्सियो बतिस्ता को उखाड़ फेंकने के लिए किए गए असफल हमले के बाद शुरू हुआ था। वाल्डेस ने फिदेल कास्त्रो के साथ उस हमले में हिस्सा लिया था और बाद में अर्जेंटीना के क्रांतिकारी अर्नेस्टो चे ग्वेरा के साथ मिलकर 1958 में बतिस्ता की सत्ता को पलटने में निर्णायक भूमिका निभाई थी।
क्रांति के बाद, वाल्डेस क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष सदस्य बने। उन्होंने दो बार आंतरिक मंत्री के रूप में और एक बार उपराष्ट्रपति के रूप में देश की सेवा की। उन्हें मुख्य रूप से जी-2 राज्य सुरक्षा खुफिया सेवा की स्थापना करने के लिए जाना जाता है, जो सोवियत संघ की केजीबी की तर्ज पर बनाई गई थी। इस संस्था का मुख्य कार्य देश के भीतर असहमति को दबाना और विदेशी दुश्मनों पर कड़ी नज़र रखना था।
वाल्डेस का निधन ऐसे समय में हुआ है जब क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी ने हाल ही में कई बड़े मुक्त-बाजार उपायों को मंजूरी दी है। इसे क्रांति के बाद से देश की आर्थिक रणनीति का सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। ये सुधार क्यूबा की राज्य-संचालित अर्थव्यवस्था को विकेंद्रीकृत करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। इसके तहत निजी व्यवसायों को बढ़ावा देने, राज्य के हस्तक्षेप के बिना आयात-निर्यात करने और कर्मचारियों की स्वतंत्र नियुक्ति की अनुमति दी गई है। साथ ही, निजी बैंकों के गठन और विदेश में रहने वाले क्यूबाई नागरिकों द्वारा निवेश को भी अधिकृत किया गया है।