नये मुख्यमंत्री सतीशन ने राज्य का अपना पहला बजट पेश किया
राष्ट्रीय खबर
तिरुवनंतपुरमः केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने शुक्रवार को अपना पहला बजट पेश करते हुए राज्य के पर्यटन क्षेत्र को एक बड़ा प्रोत्साहन दिया है। वित्त वर्ष 2026-27 के संशोधित बजट में पर्यटन के लिए 325.36 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य आतिथ्य, विरासत पर्यटन, इको-टूरिज्म और चिकित्सा पर्यटन को मजबूती प्रदान करना है।
पर्यटन को उद्योग का दर्जा और नई नीति मुख्यमंत्री सतीशन ने घोषणा की कि राज्य में पर्यटन को प्राथमिकता वाला क्षेत्र बनाने के लिए इसे उद्योग का दर्जा दिया जाएगा। इससे पर्यटन क्षेत्र को वे सभी प्रोत्साहन और सुविधाएं मिल सकेंगी जो सामान्यतः उद्योगों को उपलब्ध होती हैं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों के लिए बागान क्षेत्रों में अधिक भूमि के उपयोग को सुलभ बनाने हेतु मौजूदा कानूनों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
बजट में अलाप्पुझा जिले के बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है। केंद्र सरकार की सहायता से बनी पर्यटन सुविधाओं और हाउसबोट टर्मिनलों का नवीनीकरण किया जाएगा। हाउसबोटों से निकलने वाले कचरे के प्रबंधन के लिए अलाप्पुझा में एक अपशिष्ट उपचार संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही, अर्थुंकल बेसिलिका, अम्बलप्पुझा श्री कृष्ण मंदिर और ओचिरा परब्रह्म मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों को जोड़ते हुए एक तीर्थयात्रा पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पथिरमनाल द्वीप के लिए मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य और मुहुम्मा जेटी से द्वीप तक रोप-वे की सुविधा शुरू की जाएगी।
मुज़िरिस टूरिज्म प्रोजेक्ट के लिए 19 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस परियोजना को भारत के प्रमुख विरासत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें लाइव म्यूजियम, हेरिटेज म्यूजियम और पारंपरिक जलमार्गों में नाव यात्राएं शामिल होंगी। सतत और स्मार्ट पर्यटन की ओर कदम पर्यटन स्थलों को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने के लिए फोर्ट कोच्चि, मुन्नार, कोवलम और अलाप्पुझा में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ग्रीन मार्शल योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा जो स्वच्छता और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देंगी।
इसके अलावा, सरकार इको-टूरिज्म, मैंग्रोव पर्यटन, कृषि पर्यटन और ग्रामीण अनुभव पर्यटन पर ध्यान केंद्रित करेगी। ब्रांड वायनाड पहल शुरू की जाएगी और अष्टमुडी पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। महिलाओं के नेतृत्व वाले पर्यटन उद्यमों, होमस्टे और जिम्मेदार पर्यटन परियोजनाओं का विस्तार किया जाएगा। साथ ही, पर्यटकों की सुविधा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसयुक्त डिजिटल पर्यटन प्लेटफॉर्म और स्मार्ट एप्लिकेशन विकसित करने की योजना है।