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West Bengal Politics: लोकसभा स्पीकर से मिलेंगे टीएमसी के बागी सांसद; क्या भाजपा के नेतृत्व वाले NDA को मिलेगा समर्थन?

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बड़ा दावा किया है कि उनके गुट में जल्द ही 2 और सांसद शामिल होने वाले हैं, जिससे बागी सांसदों की कुल संख्या 22 हो जाएगी। काकोली ने कहा कि उनका समूह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलने के लिए दिल्ली रवाना हो रहा है और वे एक औपचारिक ‘अलग संसदीय गुट’ के रूप में मान्यता की मांग करेंगे।

⚔️ लीडरशिप को सीधी चुनौती

काकोली घोष दस्तीदार के अनुसार, वे सभी सांसद जो पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम बंगाल के हालातों पर अपनी ईमानदार राय रखते आए हैं, वे अब इस बागी गुट के संपर्क में हैं। बागी सांसदों की अगली महत्वपूर्ण बैठक अब दिल्ली में प्रस्तावित है। पार्टी नेतृत्व को खुलेआम चुनौती देते हुए, बागी गुट ने केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले NDA को समर्थन देने के स्पष्ट संकेत दिए हैं, जो ममता बनर्जी की पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

📝 19 सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र बना आधार

हाल ही में 19 टीएमसी सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ सामने आया है, जिसमें काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में एक अलग संसदीय समूह बनाने की मांग की गई है। इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में उथल-पुथल मचा दी है। हालांकि स्पीकर सचिवालय की ओर से इस पत्र के मिलने पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बागी सांसदों की सक्रियता ने साफ कर दिया है कि तृणमूल कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं है।

🔍 भविष्य के सियासी समीकरण

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह गुट सफल होता है, तो यह संसद में तृणमूल कांग्रेस की ताकत को कमजोर कर सकता है। बागी गुट का अगला कदम क्या होगा और पार्टी नेतृत्व इसे कैसे हैंडल करेगा, यह देखना काफी दिलचस्प होगा। मुख्यमंत्री और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी के बीच, यह ‘बागी खेल’ आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत दे रहा है।