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Malmas 2026 End: मलमास की समाप्ति के बाद शुरू होंगे मांगलिक कार्य; 19 जून से विवाह के शुभ मुहूर्त, जानें पूरी जानकारी

नई दिल्ली: पिछले एक माह से चल रहा ज्येष्ठ अधिकमास (मलमास) 15 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। श्रीहरि विष्णु को समर्पित इस महीने में सांसारिक कार्यों के बजाय जप, तप और दान का विशेष महत्व माना गया है। 15 जून को इस पवित्र मास के समापन के साथ ही मांगलिक कार्यों पर लगा प्रतिबंध भी हट जाएगा।

👰 विवाह के लिए शुभ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 19 जून 2026 से विवाह के लिए शुभ मुहूर्तों की शुरुआत हो जाएगी। यदि आप भी मांगलिक कार्यों की योजना बना रहे हैं, तो निम्नलिखित तिथियां विशेष हैं:

  • जून 2026: 19, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28 और 29 तारीख।

  • जुलाई 2026: 01, 06, 07 और 11 तारीख।

⚠️ 25 जुलाई के बाद लगेगा विराम

पंचांग के अनुसार, साल 2026 में 25 जुलाई (शनिवार) से ‘चातुर्मास’ का आरंभ हो रहा है। देवशयनी एकादशी के साथ ही भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाएंगे, जिसके चलते 20 नवंबर तक कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जा सकेंगे। ज्योतिषविदों का स्पष्ट परामर्श है कि जो भी शुभ कार्य निपटाने हैं, उन्हें 25 जुलाई से पूर्व ही पूरा कर लें।

🙏 चातुर्मास का आध्यात्मिक महत्व

चातुर्मास करीब 119 दिनों की वह अवधि है जो देवशयनी एकादशी से शुरू होकर देवउठनी एकादशी (20 नवंबर) तक चलती है। इस कालखंड में जगत के पालनहार विश्राम अवस्था में होते हैं, इसलिए इस दौरान विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और नामकरण जैसे संस्कारों पर विराम लग जाता है। यह समय आत्म-चिंतन और साधना के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है।