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Ayodhya Ram Mandir Dispute: राम मंदिर ट्रस्ट पर अखिलेश के आरोपों से मचा सियासी घमासान; ब्रजेश पाठक का पलटवार

अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में दान की गई करोड़ों की राशि के कथित तौर पर गायब होने के आरोपों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए सवालों के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने उन पर तीखा पलटवार करते हुए इसे ‘बाबरवादी सोच’ करार दिया है।

⚔️ क्या है पूरा मामला?

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में दावा किया कि ऐसी खबरें सामने आई हैं जिनमें राम मंदिर को मिले करोड़ों रुपये के दान में हेराफेरी की बात कही गई है। उन्होंने इस मामले में अदालत से संज्ञान लेने का आग्रह किया है। वहीं, इन आरोपों का खंडन करते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने स्पष्ट किया है कि आंतरिक ऑडिट प्रक्रिया जारी है और अब तक आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई भी तथ्य सामने नहीं आया है।

🗣️ “अपनी सोच को सनातन संस्कृति के विरुद्ध न करें अखिलेश”

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा मुखिया ने न तो राम मंदिर के भूमि पूजन का स्वागत किया, न ही विग्रह की स्थापना पर कोई प्रतिक्रिया दी। पाठक ने कहा, “अखिलेश यादव अफवाह और झूठ का नैरेटिव गढ़ रहे हैं। उनकी सोच बाबर वाली है और आने वाले 2027 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा।”

📉 चुनाव पर पड़ सकता है असर?

ब्रजेश पाठक ने जोर देकर कहा कि प्रदेश की जनता सपा की कारगुजारियों को अच्छी तरह समझ चुकी है। उन्होंने सपा प्रमुख को सलाह दी कि वे माता शबरी, जटायु और महर्षि वाल्मीकि के महाकाव्य को याद रखें और सनातन संस्कृति के विरुद्ध जाने से बचें। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर आगामी विधानसभा चुनावों में एक प्रमुख मुद्दा बन सकता है।