परिसीमन पर दुर्भावनापूर्ण विधेयकों को हराना हमारी बड़ी जीत
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देश के समक्ष चौतरफा चुनौतियां हैं
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केंद्र सरकार के खिलाफ खड़े रहना होगा
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मोदी सरकार की नीतियों से परेशानी बढ़ी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों की संयुक्त लड़ाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोकसभा में परिसीमन से संबंधित दुर्भावनापूर्ण विधेयकों को विफल करना एक बड़ी उपलब्धि है। इंडिया गठबंधन की बैठक में अपनी शुरुआती टिप्पणी करते हुए, खड़गे ने सभी सदस्यों से देश के सामने मौजूद गंभीर मुद्दों पर सरकार को घेरने और एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
हालिया विधानसभा चुनावों में मिली असफलताओं के बाद खड़गे ने विपक्षी गठबंधन के पुनर्गठन के लिए एक रणनीतिक खाका पेश किया। उन्होंने गठबंधन को केंद्र सरकार के खिलाफ एक प्रभावी और व्यवहार्य मोर्चा बनाने के लिए सभी हितधारकों से सक्रिय योगदान और गहन विचार-विमर्श की अपील की।
खड़गे ने कहा, 17 अप्रैल 2026 को हमने लोकसभा में अपनी एकता और एकजुटता का निर्णायक प्रदर्शन किया था, जब हम सभी ने मोदी सरकार के परिसीमन संबंधी दुर्भावनापूर्ण विधेयकों को हराने के लिए दृढ़ता से हाथ मिलाया था। अब हमें उसी भावना को और मजबूत करना होगा ताकि हम देश के सामने खड़े राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़े उन तमाम खतरों का सामना कर सकें, जो मोदी सरकार के कुशासन का परिणाम हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने संविधान पर हमले, राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को धमकाने के लिए जांच एजेंसियों के दुरुपयोग और देश के बिगड़ते आर्थिक माहौल पर गंभीर चिंता जताई। खड़गे ने आरोप लगाया कि पर्याप्त निवेश न होने के कारण रोजगार सृजन की गति धीमी है, निजी क्षेत्र में एकाधिकार बढ़ रहा है और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम गंभीर संकट में हैं।
विदेश नीति पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के पारंपरिक मूल्यों से समझौता किया गया है। साथ ही, उन्होंने महंगाई, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतें, परीक्षा प्रणाली के कुप्रबंधन के कारण युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में समाज के कमजोर वर्गों के प्रति बढ़ते अत्याचारों पर भी रोष व्यक्त किया और केंद्र पर गैर-भाजपा सरकारों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। इस क्रम में गठबंधन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की।