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सीबीएसई विवाद पर जबर्दस्त हंगामा होने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई

अध्यक्ष और सचिव को पद से हटाया गया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः केंद्र सरकार ने सीबीएसई के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को उनके पदों से हटा दिया है। यह कार्रवाई कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में कथित अनियमितताओं के बाद की गई है। सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक-सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिवालय की कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान करेंगी। इस समिति को ओएसएम सेवाओं की खरीद और तकनीकी खामियों की जांच कर एक महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

सीबीएसई ने वर्ष 2026 की कक्षा 12 की परीक्षाओं के लिए पहली बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली लागू की थी, जिसके माध्यम से लगभग 1 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन किया गया। हालांकि, यह प्रणाली गंभीर विवादों में घिर गई। छात्रों ने धुंधली स्कैन की गई प्रतियां मिलने, पन्ने गायब होने और यहां तक कि किसी दूसरे उम्मीदवार की उत्तर पुस्तिका मिल जाने जैसी शिकायतें कीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हैदराबाद स्थित वेंडर कोएंप्ट एडूटेक के चयन पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि टेंडर की शर्तों को कॉन्ट्रैक्ट देने से ठीक पहले बदला गया था और वेंडर का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड भी विवादास्पद रहा है।  जनवरी 2026 में हुए ट्रायल रन के बाद एक आंतरिक रिपोर्ट में प्रणाली से जुड़ी कम से कम 36 तकनीकी और परिचालन संबंधी समस्याओं की पहचान की गई थी, जिन्हें अनदेखा कर फरवरी में इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया।

इसके बाद से ही इस पूरी प्रक्रिया को लेकर अनेक सवाल उठ रहे हैं। परीक्षार्थियों ने फोटो के जरिए यह भी साबित कर दिया है कि दरअसल इस काम में स्कैनर के बदले मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया है, जो तस्वीरों में साफ पता चल जाता है। कंपनी के स्वामित्व और राजनीतिक संबंध भी अब चर्चा के केंद्र में आ गये हैं।