Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Kedarnath Update: ऑरेंज अलर्ट के बीच प्रशासन का बड़ा फैसला; मौसम सामान्य होने तक स्थगित हुई केदारनाथ... Uttar Pradesh New DGP: यूपी को मिला नया स्थायी DGP; IPS राजीव कृष्ण बने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक Cyber Fraud in Datia: मां पीतांबरा पीठ के नाम पर ऑनलाइन ठगी; 'मिर्ची हवन' का झांसा देकर लाखों की धोख... Banswara Crime News: तेजपुर गांव में विवाहिता पर सिरफिरे युवक का जानलेवा हमला; ब्लेड से किए वार, हाल... Delhi Building Collapse: साकेत मेट्रो स्टेशन के पास गिरी बिल्डिंग; मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिया ज... Himachal Pradesh Road Accident: पांगी में पर्यटकों की कार दुर्घटनाग्रस्त; 8 लोगों की जान गई, रेस्क्य... Indore Pipeline Burst: महू में नर्मदा जल प्रदाय योजना की पाइपलाइन फटी; 150 फीट ऊपर उठा पानी का फव्वा... West Bengal Cabinet Expansion: पश्चिम बंगाल में कैबिनेट विस्तार की तैयारी; स्वपन दासगुप्ता और तपस रॉ... Attack on TMC MP Kalyan Banerjee: पश्चिम बंगाल में सियासी बवाल; सांसद कल्याण बनर्जी पर जानलेवा हमला,... Traffic Drive in Baloda Bazar: ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर पुलिस सख्त; 227 वाहन चालको...

Karnal Building Scam: 34 करोड़ की निर्माणाधीन बिल्डिंग में बड़ा घोटाला; 2 एक्सईएन निलंबित, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल

करनाल में पंचायती राज विभाग द्वारा बनाई जा रही एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में गंभीर अनियमितताएं और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। गुणवत्ता संबंधी खामियां मिलने के बाद विभाग ने एक्सईएन परमिंद्र और नारायण दत्त को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस बिल्डिंग के निर्माण का ठेका ‘संजय कंस्ट्रक्शन’ कंपनी को दिया गया था, जिसकी कार्यप्रणाली अब जांच के घेरे में है।

🔍 गुणवत्ता की जांच में खुली पोल

पंचायती राज विभाग की क्वालिटी कंट्रोल विंग द्वारा की गई जांच में भवन निर्माण की पोल खुल गई। जांच टीम को पिलरों और लेंटर से सीमेंट उखड़ा हुआ मिला, जिससे अंदर लगा लोहे का सरिया साफ दिखाई दे रहा है। निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता बेहद निम्न पाई गई, जिसके बाद निर्माण एजेंसी कंपनी के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं।

⚖️ सीएम के संज्ञान के बाद सख्त कार्रवाई

इस पूरे मामले की रिपोर्ट मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक पहुँचने के बाद हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग के चीफ इंजीनियर ने करनाल का दौरा किया और लापरवाह अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। चीफ इंजीनियर ने एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की है। यह कमेटी न केवल निर्माण एजेंसी, बल्कि संबंधित जेई (JE), एसडीओ (SDO) और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करेगी।

🛑 आगे क्या होगा?

पूरे प्रोजेक्ट की अब दोबारा गुणवत्ता जांच होगी ताकि भवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय टिप्पणी: सार्वजनिक धन से बन रही इमारतों में गुणवत्ता से समझौता करना न केवल भ्रष्टाचार है, बल्कि यह भविष्य में किसी बड़े हादसे को भी न्योता दे सकता है। क्या आपको लगता है कि ऐसी निर्माण कंपनियों को ‘ब्लैक लिस्ट’ कर उन पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए? अपने विचार नीचे साझा करें।