Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Jharkhand Fencing Association: रांची में JFA की वार्षिक आमसभा संपन्न; खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण ... Jharkhand Rajya Sabha Election: राज्यसभा चुनाव में दिलचस्प हुआ मुकाबला; एनडीए के दावों के बीच गठबंधन... Hazaribagh Crime News: अवैध खनन और नशे के कारोबार पर भड़कीं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी; हेमंत सर... Karnal Building Scam: 34 करोड़ की निर्माणाधीन बिल्डिंग में बड़ा घोटाला; 2 एक्सईएन निलंबित, निर्माण स... Amritsar Vigilance News: PSPCL का अकाउंटेंट 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार; विजिलेंस ... Ludhiana Hosiery Theft: प्रीतम नगर में बेखौफ चोरों का दुस्साहस; फैक्ट्री से धागे के बोरे उड़ाए, पूरी ... Harike Headworks Crime: हरिके हेडवर्क्स पर होम गार्ड जवान पर जानलेवा हमला; तेजधार हथियारों से वार कर... Ludhiana Crime News: जै सिंह नगर में बाइक सवार युवक से हथियारों के बल पर लूटपाट; 6 बदमाशों ने छीनी ब... Gas Supply Crisis: जालंधर में गैस की किल्लत; हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव का असर, 2 महीने से सिलेंडर ... Hajipur Illegal Mining: अवैध खनन पर हाजीपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई; टिपर और पोकलेन मशीन के साथ पकड़े...

Economic Policy Attack: उचाना में दुष्यंत चौटाला बोले- डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़े, यूरिया-डीएपी की किल्लत से किसान परेशान

जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने उचाना हलके के विभिन्न गांवों का दौरा कर कार्यकर्ताओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और बढ़ती महंगाई पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश के आर्थिक हालात बेहद गंभीर स्थिति में हैं और इसका सीधा बोझ आम जनता और किसानों पर पड़ रहा है।

🚜 कृषि संकट: खाद और ईंधन की किल्लत

दुष्यंत चौटाला ने कृषि क्षेत्र की बदहाली पर चिंता जताते हुए कहा कि धान के सीजन में किसान पहले ही खाद की समस्या से जूझ रहे हैं। बाजार में न तो यूरिया मिल रहा है और न ही बुआई के लिए डीएपी उपलब्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन में उपयोग होने वाले सल्फ्यूरिक एसिड की भी भारी कमी है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

⛽ महंगाई की मार और अंतरराष्ट्रीय असफलता

पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि सीएनजी, डीजल और पेट्रोल के बढ़ते दामों ने कमर तोड़ दी है। उन्होंने डॉलर की बढ़ती कीमत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कूटनीतिक विफलता का जिक्र करते हुए कहा कि पहले रूस से मिलने वाले तेल और उर्वरक की आपूर्ति बाधित होने से अब हम मध्य-पूर्व पर जरूरत से ज्यादा निर्भर हो गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय संकट के समय हमारे नए सहयोगी भी भारत का साथ देने में विफल रहे।

🚗 सुरक्षा काफिले पर तंज

प्रधानमंत्री के काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करने के फैसले पर चुटकी लेते हुए चौटाला ने कहा कि केवल कुछ वाहन कम करने से देश की अर्थव्यवस्था नहीं सुधरेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि असली जरूरत पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने और किसानों को सिंचाई व खेती के लिए निर्बाध बिजली और डीजल उपलब्ध कराने की है, जो फिलहाल सरकार करने में असमर्थ है।

संपादकीय टिप्पणी: क्या आपको लगता है कि कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता ही देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती है? अपने विचार नीचे साझा करें।