मंत्रालय को एकाउंट खोलने का आवेदन दें पार्टी
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अभिजीत दिपके की ओर से याचिका
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डिजिटल माध्यम से अपनी बात रखें
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व्यंग्य पर भी सरकार को परेशानी क्यों
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें पार्टी के एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट को ब्लॉक किए जाने को चुनौती दी गई है। इसके साथ ही अदालत ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की समीक्षा समिति को दिपके के मामले की जांच करने का निर्देश दिया और उन्हें डिजिटल माध्यम से समिति के समक्ष उपस्थित होने की स्वतंत्रता दी।
हालांकि, अदालत ने आज कोई अंतरिम राहत नहीं दी और मौखिक रूप से टिप्पणी की कि इस मामले के दूरगामी और व्यापक प्रभाव हैं। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिबल ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता की बात सुने बिना ब्लॉकिंग का आदेश पारित नहीं किया जा सकता। इस दलील का सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने विरोध किया। न्यायालय ने कहा कि पक्षों द्वारा की गई दलीलों की जांच जवाबी हलफनामा दाखिल होने के बाद की जाएगी, जिसके लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है।
अदालत का ध्यान सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के नियम 14 की ओर आकर्षित किया गया, जो समीक्षा समिति को हर दो महीने में एक बार बैठक करने और अपने निष्कर्ष रिकॉर्ड करने का प्रावधान करता है। नियम के अनुसार, यदि समिति को उचित लगे, तो वह निर्देशों को रद्द कर अकाउंट को अनब्लॉक करने का आदेश दे सकती है। अदालत ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से पहले समीक्षा समिति इन सभी पहलुओं की जांच करे और फैसले को रिकॉर्ड पर लिया जाए।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता सिबल ने दलील दी कि यह अकाउंट विशुद्ध रूप से व्यंग्य के लिए था। उन्होंने जोर देकर कहा, यह छठा मामला है। यह कब तक चलेगा? इस पर अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसी कार्रवाइयों से संबंधित कानून अभी भी अपने शुरुआती चरण में है।