Jharkhand Voter List: झारखंड में 30 जून से मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण; सर्वदलीय बैठक में आयोग को मिला पूर्ण सहयोग
रांची: झारखंड राज्य में मतदाता सूची के आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग (Election Commission) को अपना पूर्ण और सक्रिय सहयोग देने का भरोसा दिया है। शुक्रवार को राजधानी रांची स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में एक अत्यंत महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में उपस्थित सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने एकमत से स्वर मिलाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए किसी भी योग्य मतदाता का नाम सूची से कटना नहीं चाहिए और न ही किसी अयोग्य या बाहरी व्यक्ति का नाम इसमें जोड़ा जाना चाहिए।
बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने सभी दलों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का हर स्तर पर अक्षरशः पालन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासनिक प्रतिबद्धता दोहराते हुए स्पष्ट कहा कि किसी भी योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची से नियम विरुद्ध हटाया नहीं जाएगा।
🗓️ 30 जून से शुरू होगा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम: 15 जून से बीएलओ (BLO) को दी जाएगी विशेष तकनीकी ट्रेनिंग
चुनावी मशीनरी को दुरुस्त करने की इस बड़ी कवायद के तहत राजनीतिक दलों ने भी इस पूरी प्रक्रिया में बूथ स्तर तक सहयोग देने का वादा किया है। गौरतलब है कि राज्य में आगामी 30 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण का जमीनी कार्य आधिकारिक तौर पर शुरू होने वाला है। इस महा-अभियान को बिना किसी त्रुटि के संपन्न कराने के लिए आगामी 15 जून से सभी बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और सुपरवाइजरों की विशेष ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी।
इस उच्च स्तरीय बैठक में कांग्रेस, भाजपा, आम आदमी पार्टी (AAP) समेत अन्य क्षेत्रीय दलों के वरिष्ठ प्रतिनिधि मुख्य रूप से मौजूद थे। सभी दलों का साझा मानना था कि राज्य के हर उस भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में अनिवार्य रूप से शामिल रहे, जिसने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है। इसके साथ ही, किसी भी तरह के राजनीतिक या प्रशासनिक पूर्वाग्रह के आधार पर नाम काटने की प्रक्रिया का सभी ने पुरजोर विरोध किया।
👁️ “हर बूथ पर मुस्तैद रहेंगे हमारे बीएलए (BLA)”- भाजपा नेता राकेश प्रसाद ने पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखने की बात कही
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता राकेश प्रसाद ने इस महत्वपूर्ण बैठक के संपन्न होने के बाद मीडिया कर्मियों से औपचारिक बातचीत की। उन्होंने कहा, “इस सर्वदलीय बैठक का मुख्य और बुनियादी उद्देश्य यही सुनिश्चित करना था कि राज्य का एक भी योग्य मतदाता अपने मताधिकार के पंजीकरण से छूटे नहीं और किसी भी फर्जी या अयोग्य व्यक्ति का नाम राजनीतिक लाभ के लिए शामिल न होने पाए।” उन्होंने संगठनात्मक तैयारी की जानकारी देते हुए बताया कि भाजपा ने राज्य के सभी मतदान केंद्रों (बूथों) पर अपने अधिकृत बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त कर दिए हैं, जो प्रशासन की इस पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया पर पैनी और सक्रिय निगरानी बनाए रखेंगे।
🗳️ “झारखंड में भी लागू हो मतदाताओं का बंगाल मॉडल”- कांग्रेस नेताओं ने निष्पक्षता और अनुच्छेद 326 का दिया हवाला
दूसरी ओर, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने भी बैठक में अपनी कई महत्वपूर्ण मांगें और चिंताएं आयोग के समक्ष रखीं। कांग्रेस नेता किशोर नाथ शाहदेव ने एक गंभीर बिंदु उठाते हुए कहा कि कुछ विशेष राजनीतिक दलों को आधिकारिक घोषणा से पहले ही नाम कटने की सटीक संख्या का पता कैसे चल जाता है, इस रहस्यमयी पहलू पर भी चुनाव आयोग को कड़ी नजर रखने की जरूरत है। उन्होंने आयोग के स्वतंत्र कामकाज में किसी भी प्रकार की बाहरी राजनीतिक दखलंदाजी न होने देने की बात कही।
वहीं, कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता सूर्यकांत शुक्ला ने एक बड़ा नीतिगत सुझाव देते हुए मांग की कि पश्चिम बंगाल की तर्ज पर झारखंड में भी नए मतदाताओं के नाम महीनों तक ‘पेंडिंग’ (लंबित) न रखे जाएं। उन्होंने भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 (Article 326 of the Constitution) का हवाला देते हुए दृढ़ता से कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके देश के हर योग्य नागरिक को मताधिकार प्राप्त है, इसलिए उनका नाम बिना किसी देरी के मतदाता सूची में दर्ज होना चाहिए।
🤝 सौहार्दपूर्ण और संतोषजनक माहौल में संपन्न हुई बैठक: सभी दलों ने पुनरीक्षण कार्य में सक्रिय सहभागिता का दिया आश्वासन
इस मैराथन बैठक के अंत में सभी राजनीतिक दलों ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार द्वारा दी गई तकनीकी जानकारियों, सुरक्षा उपायों और पारदर्शी व्यवस्था पर पूरी तरह से संतोष व्यक्त किया। आयोग द्वारा सभी दलों की शंकाओं का समाधान मौके पर ही किया गया। बैठक के समापन पर सभी दलों के नेताओं ने लोकतंत्र के इस बुनियादी कार्य यानी विशेष गहन पुनरीक्षण में अपनी-अपनी पार्टियों की ओर से जमीनी स्तर पर सक्रिय सहभागिता और हरसंभव सहयोग देने का औपचारिक आश्वासन दिया, जिससे बैठक पूरी तरह से सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई।