Haryana School News: हरियाणा के स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक सरकारी छुट्टियां; सीएम नायब सैनी का बड़ा फैसला
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा विभाग की एक उच्च स्तरीय विशेष बैठक में स्कूली शिक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और अनुशासन को लेकर कई बड़े और बेहद कड़े फैसले लिए गए हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के शिक्षा मंत्री और विभाग के आला अधिकारी भी मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठक के दौरान राज्य के छात्रों की पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार करने, स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और बच्चों के समग्र मानसिक व शारीरिक विकास को लेकर नई व्यापक गाइडलाइंस तय की गई हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है।
☀️ भीषण गर्मी के चलते 25 मई से 30 जून तक रहेगा ग्रीष्मकालीन अवकाश: सरकारी और निजी दोनों स्कूलों पर आदेश लागू
शिक्षा विभाग की इस समीक्षा बैठक के तुरंत बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के नौनिहालों के हित में एक बड़ी घोषणा की। राज्य में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी (Heat Wave) को देखते हुए प्रदेश के सभी स्कूलों में आगामी 25 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Vacation) घोषित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अवकाश आदेश राज्य के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी (प्राइवेट) स्कूलों पर समान रूप से अनिवार्य रूप से लागू होगा, ताकि छोटे बच्चों को चिलचिलाती धूप और जानलेवा लू के प्रकोप से पूरी तरह से राहत मिल सके।
🚫 क्लासरूम के भीतर मोबाइल के इस्तेमाल पर लगा पूर्ण प्रतिबंध: शिक्षा मंत्री का सख्त निर्देश, शिक्षकों का ध्यान पढ़ाई पर जरूरी
स्कूली शिक्षा व्यवस्था में प्रशासनिक सुधार लाने और क्लासरूम के भीतर छात्रों का ध्यान पूरी तरह से पढ़ाई पर केंद्रित रखने के लिए शिक्षा मंत्री ने एक और बड़ा फैसला सुनाया है। नए सख्त निर्देशों के अनुसार, सरकारी स्कूलों का कोई भी अध्यापक (टीचर) अब क्लासरूम के भीतर शिक्षण कार्य के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। शिक्षा मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि पढ़ाई के घंटों के दौरान शिक्षकों द्वारा सोशल मीडिया या मोबाइल का उपयोग करने से छात्रों का ध्यान भटकता है और शिक्षण की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित होती है। क्लास के दौरान शिक्षकों का पूरा समय और ध्यान सिर्फ और सिर्फ बच्चों को बेहतर ढंग से पढ़ाने पर होना चाहिए।
🌱 स्कूली पाठ्यक्रम में अब अनिवार्य रूप से शामिल होगा ‘श्रमदान’: छात्रों में सामाजिक जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की पहल
विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, नैतिक मूल्यों, अनुशासन और शारीरिक श्रम के प्रति सम्मान की भावना बचपन से ही पैदा करने के लिए शिक्षा मंत्री ने एक और अनोखी व सराहनीय पहल की घोषणा की है। अब हरियाणा के स्कूली पाठ्यक्रम (Syllabus) के व्यावहारिक हिस्से में ‘श्रमदान’ को भी विशेष रूप से शामिल किया जाएगा। इसके तहत छात्रों को स्कूल परिसर की साफ-सफाई, कैंपस में बागवानी (Gardening) और पर्यावरण संरक्षण जैसे रचनात्मक व सामाजिक कार्यों से सीधे जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की इस संयुक्त बैठक में लिए गए इन दूरगामी फैसलों का मुख्य उद्देश्य राज्य की स्कूली शिक्षा को अधिक अनुशासित, व्यावहारिक, नैतिक और पूरी तरह से छात्र-केंद्रित बनाना है।