Barnala BJP Leader Security: भाजपा नेता दर्शन सिंह नैनेवाल का बरनाला पुलिस पर बड़ा आरोप—’एडीजीपी के आदेश के बाद भी नहीं मिली सुरक्षा’
बरनाला: पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति और राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दर्शन सिंह नैनेवाल ने जिला पुलिस प्रशासन पर सीधा निशाना साधते हुए बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एडीजीपी सिक्योरिटी (ADGP Security) के स्पष्ट लिखित आदेशों के बावजूद उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जा रही है, जिसके कारण उनकी जान को लगातार गंभीर खतरा बना हुआ है।
नैनेवाल ने खुलासा किया कि एडीजीपी सिक्योरिटी द्वारा जिला बरनाला पुलिस को उनकी सुरक्षा के लिए 2 गनमैन तैनात करने के संबंध में बकायदा पत्र लिखा गया है। लेकिन हैरानी की बात है कि पिछले करीब 7-8 महीनों से उनके साथ सिर्फ एक ही गनमैन चल रहा है। इतना ही नहीं, इस मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था में भी बड़ी खामी है। उन्होंने बताया कि जो एक गनमैन उन्हें मिला हुआ है, उसकी भी हफ्ते में एक दिन अदालत (कचहरी) में कोई न कोई पेशी होती है। उस दिन वह पूरी तरह से निहत्थे और बिना किसी सुरक्षा के होते हैं, जो कि एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही है।
⚔️ चूंघा रोड पर पहले भी हो चुका है जानलेवा हमला: थाना टल्लेवाल में दर्ज है एफआईआर, फिर भी सुरक्षा देने में आनाकानी
भाजपा नेता ने अपनी पुरानी आपबीती बताते हुए कहा कि उन्हें पहले भी कई बार असामाजिक तत्वों द्वारा जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं, जिसके बारे में पुलिस प्रशासन को समय-समय पर लिखित में अवगत कराया गया है। उनकी इन चिंताओं को तब और बल मिला जब कुछ समय पहले चूंघा रोड पर उन पर एक सोची-समझी साजिश के तहत जानलेवा हमला भी हुआ था। इस संबंध में थाना टल्लेवाल में बकायदा प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज है। नैनेवाल ने तीखा सवाल उठाया कि इतने गंभीर हालातों और पुराने पुलिस रिकॉर्ड के बावजूद, पता नहीं किस प्रशासनिक मजबूरी या राजनीतिक दबाव के तहत बरनाला पुलिस उन्हें पूरी सुरक्षा देने से लगातार आनाकानी कर रही है।
🗳️ नगर निगम चुनाव के दौरान बढ़ा हमला होने का रिस्क: दर्शन सिंह बोले—’कुछ भी नुकसान हुआ तो जिला प्रशासन होगा जिम्मेदार’
मौजूदा राजनीतिक हालातों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस समय नगर निगम बरनाला के चुनावों का दौर चल रहा है। पार्टी द्वारा उनकी ड्यूटी इन चुनावों में बतौर सहायक पर्यवेक्षक (अब्जर्वर) लगाई गई है। चुनावी गतिविधियों, रैलियों और देर रात तक चलने वाली राजनीतिक बैठकों के कारण जब वह वापस अपने गांव जाते हैं तो काफी अंधेरा हो चुका होता है। ऐसे संवेदनशील समय में बिना पर्याप्त सुरक्षा के ग्रामीण रास्तों पर घूमना किसी बड़ी अनहोनी को दावत देने के बराबर है।
नैनेवाल ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि चुनावों के दौरान या आने वाले दिनों में उनके जान-माल का कोई भी नुकसान हुआ, तो इसकी पूरी और सीधी जिम्मेदारी जिला पुलिस प्रशासन की होगी। अब देखना यह होगा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता द्वारा सार्वजनिक तौर पर लगाए गए इन आरोपों के बाद बरनाला पुलिस हरकत में आती है या किसी बड़ी घटना का इंतजार करती है।