Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Rohini Court Controversy: रोहिणी कोर्ट रूम में तीखी बहस के बाद जिला जज राकेश कुमार का तबादला, हाईकोर... Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज की प्रातःकालीन पदयात्रा एक बार फिर रुकी, जानें क्या है असली वजह मणिपुर में दो तस्कर और एक विद्रोही गिरफ्तार Nagpur Firing News: नागपुर में वर्चस्व की लड़ाई में देर रात ताबड़तोड़ फायरिंग, RSS मुख्यालय से 1 किम... MP Govt & Org Meeting: मध्य प्रदेश में सरकार-संगठन तालमेल की परीक्षा, निगम-मंडल अध्यक्षों को आज मिले... Kanpur Jail Suicide Attempt: बेटियों की हत्या के आरोपी दवा व्यापारी शशि रंजन ने जेल में थाली से रेती... Delhi-Mumbai Expressway: डीएनडी से जैतपुर तक 9 किमी का नया रूट तैयार, जून 2026 में खुलेगा, नितिन गडक... NEET UG Paper Leak 2026: अब सीबीआई के रडार पर आए पेपर खरीदने वाले अमीर अभिभावक, महाराष्ट्र में कई ठि... Sasaram Railway Station: सासाराम रेलवे स्टेशन पर खड़ी पटना पैसेंजर ट्रेन में लगी भीषण आग, धू-धू कर ज... Howrah Eviction Drive: हावड़ा में भारी सुरक्षा के बीच महा-अतिक्रमण हटाओ अभियान, मंत्री दिलीप घोष की ...

कोलंबिया में चुनाव से पहले फिर से हिंसा का दौर

चुनाव अभियान के दो कार्यकर्ताओं की हत्या

एजेंसियां

बोगोटाः दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में राष्ट्रपति चुनाव के लिए होने वाले मतदान से महज दो सप्ताह पहले राजनीतिक हिंसा का एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहाँ एक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के अभियान दल से जुड़े दो कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।

इस बात की पुष्टि दक्षिणपंथी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार एबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला ने की। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात देश के मध्यवर्ती प्रांत मेटा के क्यूबराल ग्रामीण इलाके में मोटरसाइकिल सवार हथियारबंद हमलावरों ने उनके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक पोस्ट में एस्प्रिएला ने कहा कि ये दोनों कार्यकर्ता सड़कों पर लोकतंत्र, स्वतंत्रता और लाखों कोलंबियाई लोगों की उम्मीदों की रक्षा के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा, उनका एकमात्र अपराध अपनी मातृभूमि पर विश्वास करना था और वे हिंसक ताकतों के आगे नहीं झुके।

कोलंबिया के नागरिक अधिकार लोकपाल ने मृतकों की पहचान क्यूबराल शहर के पूर्व मेयर रोजर्स मॉरीशस डेविया एस्कोबा और उनके सलाहकार एडर फैबियन कार्डोना लोपेज के रूप में की है। लोकपाल कार्यालय ने इस बात की भी जानकारी दी कि इसी इलाके में एक अन्य पूर्व मेयर पद के उम्मीदवार पर भी हमला किया गया था, हालांकि इस संबंध में अधिक विवरण साझा नहीं किया गया।

फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस हमले की जांच कर रही हैं। लोकपाल ने चेतावनी दी है कि ऐसी घटनाएं 31 मई को होने वाले आगामी चुनावों में राजनीतिक अधिकारों और लोकतांत्रिक भागीदारी को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं।

कार्यालय ने अपने बयान में कहा, हिंसा, धमकियां और किसी भी प्रकार की डराने-धमकाने की कोशिशें सार्वजनिक बहस को कमजोर करती हैं, राजनीतिक व सामाजिक नेतृत्व के लिए जोखिम बढ़ाती हैं और लोकतांत्रिक सह-अस्तित्व को चोट पहुंचाती हैं। मेटा प्रांत लंबे समय से विद्रोही लड़ाकों और कोकीन तस्करी का गढ़ रहा है।

इस चुनावी दौड़ में अब तक कम से कम तीन उम्मीदवारों को जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं, जिसके कारण सभी शीर्ष उम्मीदवार भारी सुरक्षा के बीच यात्रा कर रहे हैं। पिछले साल सेपेडा की उप-राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार और स्वदेशी कार्यकर्ता आइडा क्विल्कुए का कोलंबिया के क्रांतिकारी सशस्त्र बल से अलग हुए एक विद्रोही गुट द्वारा अपहरण भी कर लिया गया था। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं इसलिए भी गहरी हैं क्योंकि जून 2025 में बोगोटा में एक रैली के दौरान सीनेटर और राष्ट्रपति पद के आकांक्षी मिगुएल उरीबे को गोली मार दी गई थी, जिनकी अगस्त 2025 में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।