रात के अंधेरे में वाहन चालकों से जबरन वसूली और मारपीट
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खेलगांव के बाद सुनसान इलाके में धंधा
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शाम के अंधेरे में ज्यादा सक्रिय होते हैं
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आस पास के युवक हैं गिरोह में शामिल
राष्ट्रीय खबर
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के खेलगांव से नामकुम की तरफ जाने वाले मुख्य मार्ग पर सूर्यास्त के बाद राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा भगवान भरोसे हो गई है। अंधेरा ढलते ही इस सुनसान सड़क पर अपराधियों और शातिर बदमाशों का एक नया और खतरनाक खेल शुरू हो गया है। इस इलाके में एक सुनियोजित एक्सीडेंट गैंग सक्रिय हो चुका है, जो रात के समय इस मार्ग से गुजरने वाले चार पहिया और भारी वाहन चालकों को अपना निशाना बना रहा है।
इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर और डरावना है। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर ये अपराधी जानबूझकर किसी राहगीर या सामान्य रूप से चल रहे वाहन के आगे अपनी दो पहिया गाड़ी टकरा देते हैं। टक्कर होते ही दो पहिया वाहन चालक तुरंत झगड़ा और बहस शुरू कर देता है। अभी गाड़ी पर सवार लोग कुछ समझ भी नहीं पाते कि इस बीच योजना के मुताबिक आसपास की झाड़ियों या अंधेरे में छिपे दर्जनों युवक बाइक चालक के समर्थन में वहां अचानक जुट जाते हैं।
ये युवक तुरंत गाड़ी पर सवार लोगों को चारों तरफ से घेर लेते हैं और उनके साथ गाली-गलौज करते हुए उन्हें डराने-धमकाने लगते हैं। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यदि कोई जागरूक वाहन चालक इस जबरन वसूली या झूठे एक्सीडेंट का विरोध करने की कोशिश करता है, तो ये अपराधी उसके साथ बेरहमी से मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इस पूरे ड्रामे और खौफनाक माहौल को पैदा करने का अपराधियों का असली और एकमात्र मकसद एक्सीडेंट की भरपाई या इलाज के नाम पर गाड़ी पर सवार लोगों से मोटी रकम वसूलना है। डर के मारे कई लोग अपनी जान बचाने के लिए मौके पर ही हजारों रुपये इन बदमाशों के हवाले कर देते हैं।
इस गिरोह का शिकार हुए कुछ पीड़ित वाहन चालकों ने हिम्मत दिखाकर इस पूरे मामले की लिखित शिकायत स्थानीय पुलिस थाने में भी दर्ज कराई है। अत्यंत चिंता का विषय यह है कि पुलिस प्रशासन के पास शिकायत पहुंचने के बाद भी अब तक इस दिशा में कोई ठोस या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस की इस सुस्ती का नतीजा यह है कि इस बेखौफ गिरोह का हौसला सातवें आसमान पर है और वे आज भी मौका देखकर इस व्यस्त सड़क पर बेधड़क अपने इस गैर-कानूनी धंधे को अंजाम दे रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने अब पुलिस के उच्च अधिकारियों से इस मार्ग पर रात्रि गश्त (नाइट पेट्रोलिंग) बढ़ाने की मांग की है।