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ओमान के पास ड्रोन हमले के बाद भारतीय जहाज डूबा

भारत सरकार ने इस घटना की कड़ी निंदा की और चेतावनी दी

  • सभी चौदह भारतीय नाविक सुरक्षित

  • जहाज पर लदे अनेक मवेशी बह गये

  • किसकी तरफ से हमला हुआ पता नहीं

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः अधिकारियों के अनुसार, गुजरात का एक मालवाहक जहाज हाजी अली संदिग्ध ड्रोन हमले के बाद ओमान के तट के पास समुद्र में डूब गया। गनीमत यह रही कि ओमान के अधिकारियों ने चालक दल के सभी 14 भारतीय सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान-अमेरिका संघर्ष से जुड़े बढ़ते तनाव के बीच इस घटना ने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताओं को गहरा कर दिया है।

देवभूमि द्वारका जिले के सलाया बंदरगाह पर पंजीकृत यह जहाज बुधवार तड़के सोमालिया से शारजाह की ओर पशुधन लेकर जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। खबरों के अनुसार, जहाज तड़के करीब 3:30 बजे ओमान के उत्तरी तट पर लिमा के पास से गुजर रहा था, तभी वह किसी अज्ञात विस्फोटक वस्तु (जिसके ड्रोन या मिसाइल होने का संदेह है) की चपेट में आ गया। इस प्रहार से जहाज पर आग लग गई, जिससे जहाज का संतुलन बिगड़ गया और अंततः वह समुद्र में समा गया। हमले के बाद चालक दल ने तत्परता दिखाई। जैसे ही आग फैली, एक तांडेल और 13 चालक दल के सदस्यों सहित सभी 14 नाविकों ने संकट का संकेत भेजा और जीवन रक्षक नौकाओं के जरिए जहाज से बाहर निकल गए।

ओमान कोस्ट गार्ड ने बचाव अभियान चलाकर चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित दीबा बंदरगाह पहुँचाया। जहाज के मालिक सुल्तान अहमद संघार ने बाद में पुष्टि की कि बोर्ड पर मौजूद सभी लोग सुरक्षित हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बुधवार को जहाज पर हमला किसने किया, लेकिन विदेश मंत्रालय ने इस हमले को अस्वीकार्य करार दिया है। मंत्रालय ने कहा, ओमान के तट पर कल एक भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हमला अस्वीकार्य है, और हम इस तथ्य की निंदा करते हैं कि वाणिज्यिक शिपिंग और नागरिक नाविकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि जहाज के डूबने के बाद उस पर ले जाए जा रहे कई मवेशी समुद्र में बह गए। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि बचाए गए सभी 14 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। मंत्रालय ने कहा, बोर्ड पर मौजूद सभी भारतीय चालक दल सुरक्षित हैं, और हम उन्हें बचाने के लिए ओमान के अधिकारियों को धन्यवाद देते हैं। मंत्रालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि नागरिक जहाजों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और ऐसी कार्रवाइयां जो निर्दोष चालक दल के सदस्यों को खतरे में डालती हैं या नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री व्यापार को बाधित करती हैं, उनसे बचा जाना चाहिए।

विदेश मंत्रालय के बयान में हमले के लिए जिम्मेदार पक्ष की पहचान नहीं की गई है, और ओमान के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। इंडियन सेलिंग वेसल्स एसोसिएशन ने कहा कि सभी नाविक सुरक्षित हैं और उनके दस्तावेज सुरक्षित कर लिए गए हैं। महासचिव आदम भाया ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह जल्द से जल्द चालक दल की वापसी की सुविधा प्रदान करे और उनकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करे।