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मोदी और शाह की मौजूदगी में हिमंता का शपथग्रहण

दूसरी बार सीएम की कुर्सी पर आसीन हुए

  • भाजपा के दो और सहयोगी के दो मंत्री

  • अमेरिकी राजदूत गोर भी रहे उपस्थित

  • सिंगापुर का असम के साथ सहयोग रहेगा

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः यहां के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित एक भव्य समारोह में हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य ने उन्हें शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ चार अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिनमें भाजपा के रामेश्वर तेली और अजंता नेओम के साथ सहयोगी दलों (एजीपी और बीपीएफ) के अतुल बोरा और चरण बोरो शामिल हैं। कार्यक्रम की गरिमा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति से और बढ़ गई।

इस शपथ ग्रहण समारोह की सबसे खास बात इसकी अंतरराष्ट्रीय गूँज रही। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर की उपस्थिति ने सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने न केवल समारोह में शिरकत की, बल्कि असम और वाशिंगटन के बीच बढ़ते व्यापारिक व कूटनीतिक संबंधों को रेखांकित भी किया। गोर ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि असम और अमेरिका के बीच पहले से ही मजबूत व्यापारिक संबंध हैं और मुख्यमंत्री सरमा के नेतृत्व में भविष्य में “विन-विन” (दोनों पक्षों के लिए लाभकारी) सहयोग की अपार संभावनाएँ हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी राजदूत की यह यात्रा असम में विदेशी निवेश, विशेषकर ऊर्जा, टेक्सटाइल, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्रों में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकती है।

सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि सिंगापुर ने भी असम के साथ अपनी साझेदारी को दोहराया। सिंगापुर के हाई कमिश्नर साइमन वोंग ने मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए उत्तर-पूर्वी राज्य और सिंगापुर के बीच तरक्की और मजबूत पार्टनरशिप की उम्मीद जताई। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की यह सक्रियता दर्शाती है कि असम अब केवल भारत का एक सीमावर्ती राज्य नहीं, बल्कि एक वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है।

राजनीतिक परिदृश्य की बात करें तो, असम विधानसभा चुनाव में एनडीए ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है। 126 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन ने कुल 102 सीटें जीती हैं। भाजपा 82 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, जबकि सहयोगी दल असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने 10-10 सीटों पर जीत दर्ज की है। यह जीत न केवल विकास की निरंतरता का प्रतीक है, बल्कि हिमंता बिस्वा सरमा के बढ़ते राजनीतिक कद को भी प्रमाणित करती है।