Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
लापरवाही की हद! मुरैना में नाबालिग लगा रहा था झाड़ू, कर्मचारी फोन पर था व्यस्त; वायरल हुआ वीडियो शादी वाले दिन दुल्हन के साथ हो गया खेला! हल्दी लगाते ही सूजे होंठ, मंडप की जगह जाना पड़ा अस्पताल रोंगटे खड़े कर देगी इस मासूम की बहादुरी! 7 मिनट तक तेंदुए का जबड़ा पकड़े मौत से लड़ता रहा बच्चा पुलिसकर्मियों के शौर्य का सम्मान: नक्सलवाद पर लगाम कसने वाले 101 जवानों को मिला प्रतिष्ठित केएफ रूस्... खौफनाक! घंटों फोन पर बात करती थी बीवी, चिढ़े पति ने मौत के घाट उतारकर फैलाई सुसाइड की अफवाह Viral News: जिंदा शख्स ने छपवाया अपनी 'तेरहवीं' का कार्ड, देहदान के फैसले का मजाक उड़ाने पर किया मृत... India vs Afghanistan Test Squad: यशस्वी, गिल और पंत को मिलेगा मौका? जानें अफगानिस्तान के खिलाफ कैसी ... TV Actress Avika Gor: शादी के कुछ महीनों बाद ही अविका गौर ने छोड़ा देश, पति के साथ बैंकॉक शिफ्ट होने... Balen Shah vs India: बालेन शाह का भारत विरोधी रुख? नेपाल का पीएम बनते ही 45 दिनों में लिए ये कड़े फै... Most Expensive Tea: 1 किलो चाय की कीमत 9 करोड़ रुपये, लग्जरी कारों से भी महंगी इस चाय की खासियत जानि...

Railway Station Collapse: भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा [शहर का नाम] स्टेशन? 5 साल में ही ढही छत, 1 अधिकारी दबा

राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित सोनू लाइमस्टोन रेलवे स्टेशन पर रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया. यहां स्टेशन मास्टर कार्यालय की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर मनीष कुमार घायल हो गए. इस घटना ने रेलवे के निर्माण कार्यों में बरती गई लापरवाही और भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है.

जानकारी के अनुसार, रविवार को स्टेशन मास्टर मनीष कुमार अपने कार्यालय में काम कर रहे थे. इसी दौरान छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक नीचे गिर गया. गनीमत रही कि मलबे की सीधी चपेट में आने से मनीष बच गए, हालांकि उनके पैर में गंभीर चोट आई है. मौके पर मौजूद स्टाफ और रेल कार्मिकों ने तुरंत उन्हें संभाला और लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया. फिलहाल मनीष की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है. भावुक कर देने वाली बात यह है कि आगामी 18 मई को मनीष की सगाई होने वाली है, जिससे पहले इस हादसे ने परिवार को डरा दिया है.

करोड़ों का राजस्व, फिर भी घटिया निर्माण?

सोनू लाइमस्टोन स्टेशन भारतीय रेलवे के लिए आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है. यहां की माइन्स से स्टील ग्रेड लाइमस्टोन की लोडिंग होती है, जिससे रेलवे को प्रति माह 100 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होता है. इसके बावजूद, मात्र 5 साल पहले बनी इमारत का इस तरह ढह जाना अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है. स्थानीय लोगों और रेल कर्मियों में इस ‘बंदरबांट’ और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल को लेकर भारी आक्रोश है.

अधिकारियों में हड़कंप

हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे के उच्च अधिकारियों में हड़कंप मच गया है. 5 साल पुरानी नई इमारत की छत गिरने से अब उन ठेकेदारों और इंजीनियरों की भूमिका की जांच की जा रही है जिन्होंने निर्माण की गुणवत्ता की पुष्टि की थी. रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके.