असम विधानसभा चुनाव के परिणाम उम्मीद के अनुरुप निकले
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खुद सीएम की जीत एक लाख से ऊपर
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मोदी पर जनता के भरोसे का रिजल्ट
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भाजपा की जिम्मेदारी बढ़ीः सैकिया
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी: 4 मई 2026 को घोषित असम विधानसभा चुनाव के परिणामों ने राज्य की राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के करिश्माई नेतृत्व में भाजपा-नीत एनडीए ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए सत्ता की हैट्रिक लगाई है। 126 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए ने लगभग 100 सीटों पर जीत और बढ़त दर्ज कर विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया है।
इस चुनाव में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का व्यक्तिगत प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उन्होंने अपनी पारंपरिक सीट जालुकबारी से 1,12,000 से अधिक मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की जनता का विकास और सुशासन के प्रति अटूट विश्वास बताया। उन्होंने अपनी जीत और पार्टी के प्रदर्शन का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, विकास के मोदी मैजिक और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को दिया। विशेष रूप से महिलाओं के लिए संचालित अरुणोदय योजना और बुनियादी ढांचे के विकास को इस जीत का प्रमुख स्तंभ माना जा रहा है।
दूसरी ओर, विपक्षी खेमे में भारी निराशा का माहौल है। कांग्रेस के नेतृत्व वाला असम सम्मिलित मोर्चा मात्र 25 से 27 सीटों के आसपास सिमटता नजर आ रहा है। कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा झटका जोरहाट से लगा, जहाँ प्रदेश के कद्दावर नेता गौरव गोगोई को हार का सामना करना पड़ा। रुझानों के अनुसार, एनडीए को इस बार लगभग 48-50% वोट मिले हैं, जो 2021 के पिछले चुनाव की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन है। भाजपा ने ऊपरी असम से लेकर बराक घाटी तक अपनी पकड़ मजबूत की है।
जीत के बाद भाजपा नेताओं ने जनता को आश्वासन दिया है कि अगले पांच वर्षों तक सुशासन और विकास की गति और तेज होगी। दिलीप सैकिया जैसे वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि इस जनादेश ने पार्टी की जिम्मेदारी और बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री सरमा ने भी अपने कड़े रुख को दोहराते हुए कहा कि भविष्य में भी अवैध घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और असम को विकास के नए सोपानों पर ले जाया जाएगा। यह परिणाम न केवल भाजपा की जीत है, बल्कि हिमंत बिस्वा सरमा के विकास मॉडल पर जनता की निर्णायक मुहर है।