सुरक्षा बलों ने संभावित आतंकवादी खतरे को टाला
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तलाशी में एनआरएफएम 4 कैडर गिरफ्तार
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बीरेन सिंह ऑडियो टेप पर महिलाओं का बवाल
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पीएम मोदी से तत्काल हस्क्षेप की मांग की गयी
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी: मणिपुर में शांति और स्थिरता बहाल करने की दिशा में भारतीय सेना, असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने एक संयुक्त अभियान के तहत महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। हालिया कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने विभिन्न उग्रवादी संगठनों के चार सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया है। यह ऑपरेशन खुफिया जानकारी के आधार पर काकचिंग, चंदेल और तेंगनौपाल जिलों में चलाया गया। पकड़े गए उग्रवादी घाटी और पहाड़ी, दोनों क्षेत्रों के समूहों से जुड़े हैं, जो राज्य में जटिल सुरक्षा स्थिति को दर्शाते हैं।
सुरक्षा बलों ने न केवल गिरफ्तारियां की हैं, बल्कि घने जंगलों और दुर्गम इलाकों से भारी मात्रा में युद्ध जैसा सामान भी बरामद किया है। जब्त किए गए हथियारों में 7.62 के-09 असॉल्ट राइफलें, सब-मशीन गन, मैगजीन के साथ पिस्तौल, शॉटगन और मौसर-स्टाइल स्पोर्टिंग राइफलें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, तीन ग्रेनेड, डेटोनेटर, पोम्पी और बाओफेंग रेडियो संचार सेट भी मिले हैं। इतनी बड़ी मात्रा में गोला-बारूद की बरामदगी उग्रवादियों के नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है और इससे किसी संभावित बड़ी साजिश को विफल करने में मदद मिली है।
28 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले में एक अलग कार्रवाई के दौरान, सुरक्षा बलों ने एनआरएफएम के एक सक्रिय कैडर को पकड़ा, जो कथित तौर पर हथियारों की तस्करी में शामिल था। राज्य के संवेदनशील और सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने सर्च और क्षेत्र वर्चस्व अभियान तेज कर दिए हैं ताकि हथियारों की अवैध आवाजाही पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
सुरक्षा अभियानों के बीच, मणिपुर का राजनीतिक माहौल भी गरमाया हुआ है। दो प्रमुख कुकी महिला संगठनों—कुकी महिला मानवाधिकार संगठन और कुकी महिला संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह से जुड़े कथित ऑडियो टेप मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है। साथ ही, 30 अप्रैल को मुलाम और सोंगफेल गांवों पर हुए सशस्त्र हमलों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की अपील की गई है।